Devuthani Ekadashi 2025 : जानिए भगवान विष्णु जागरण और तुलसी पूजन का पूरा महत्व
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-24 03:23:00
India News Live,Digital Desk : देवउठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं, हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस साल यह पावन पर्व 1 नवंबर 2025 को है।
इस दिन की खासियत यह है कि भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं और सृष्टि के कार्यभार को संभालते हैं। यही वजह है कि इस दिन से सभी मांगलिक कार्य जैसे शादी, नए व्यवसाय की शुरुआत और अन्य शुभ कार्य किए जाते हैं।
तुलसी पूजन का महत्व
देवउठनी एकादशी पर तुलसी माता का पूजन करना विशेष शुभ माना जाता है। इस दिन तुलसी के सामने दीपक जलाएं, उन्हें लाल चुनरी, फूल-माला अर्पित करें और तुलसी चालीसा का पाठ करें। अंत में तुलसी माता की आरती करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
तुलसी चालीसा का पाठ
तुलसी चालीसा पढ़ने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह चालीसा तुलसी माता की महिमा, उनके भक्तों के प्रति करुणा और जीवन में सुख-समृद्धि लाने की शक्ति का वर्णन करती है।
(यहां पाठ संक्षेप में हो या लिंक द्वारा विस्तृत पाठ दिखाया जा सकता है।)
देवउठनी एकादशी पर करने योग्य कार्य
सुबह जल्दी उठकर स्वच्छ स्नान करें।
तुलसी माता का पूजन और दीपक जलाएं।
तुलसी चालीसा का पाठ और आरती करें।
घर और कार्यस्थल को साफ-सुथरा रखें।
इस दिन से मांगलिक कार्य और नए आरंभ किए जा सकते हैं।
विशेष ध्यान: देवउठनी एकादशी का महत्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी बहुत अधिक है। इस दिन की साधना और पूजा से व्यक्ति का मन शांत और सकारात्मक बनता है।