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September 06 2026 03:16 am

Apara Ekadashi Fast 2026: व्रत रखने से पहले भक्तों को ये सब जानना चाहिए

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India News Live, Digital Desk : अपरा एकादशी को भगवान विष्णु को समर्पित सबसे पवित्र एकादशी माना जाता है। यह ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में मनाई जाती है, और इस शुभ दिन पर व्रत रखने से व्यक्ति के पाप धुल जाते हैं और उसे आध्यात्मिक लाभ के साथ-साथ शांति और समृद्धि भी प्राप्त होती है। वर्ष 2026 में अपरा एकादशी की तिथि 13 मई होगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी की तिथि 12 मई, 2026 को दोपहर 2:52 बजे प्रारंभ होगी और 13 मई को दोपहर 1:29 बजे समाप्त होगी।

अपरा एकादशी 2026: तिथि और समय

  • अपरा एकादशी तिथि: 13 मई 2026 (बुधवार)
  • एकादशी तिथि आरंभ: 12 मई 2026, दोपहर 2:52 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 13 मई 2026, दोपहर 1:29 बजे
  • पूजा का मुहूर्त: सुबह 5:32 बजे - सुबह 8:55 बजे तक
  • पराना का समय: 14 मई, 2026 को सुबह 5:31 बजे से 8:14 बजे के बीच

अपरा एकादशी को इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?

अपारा का अर्थ है असीम और विशाल। हिंदू पौराणिक कथाओं में यह माना जाता है कि श्रद्धापूर्वक इस व्रत का पालन करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, महाभारत काल में भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को अपरा एकादशी का महत्व बताया था। भक्तों का मानना ​​है कि यह व्रत मन की शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त करने में सहायक होता है।

इस दिन कई भक्त भगवान विष्णु के वामन अवतार की भी पूजा करते हैं।

अपरा एकादशी पूजा विधि

  • भक्त आमतौर पर दशमी से ही व्रत की तैयारी शुरू कर देते हैं, जिसमें वे सात्विक आहार का पालन करते हैं और तामसिक भोजन से परहेज करते हैं।
  • एकादशी के दौरान, भक्त आमतौर पर सुबह जल्दी उठते हैं, पवित्र स्नान करते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करने के लिए स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं। पूजा स्थल को आमतौर पर पीले कपड़े से सजाया जाता है, जो भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र रखने के लिए आधार का काम करता है।
  • पूजा करने की प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल हैं:
  • दीया और अगरबत्ती जलाना
  • तुलसी के पत्ते, चंदन, फल ​​और गंगाजल का अर्पण।
  • भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना और व्रत कथा सुनना
  • अनुशासन और भक्ति के साथ पूरे दिन उपवास रखना
  • कुछ भक्त भगवान विष्णु के मंदिरों में पूरा दिन ध्यान और प्रार्थना में बिताना पसंद करते हैं।

अपरा एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व

धर्म के अनुसार, अपरा एकादशी आत्म-अनुशासन, शुद्धि और भक्ति से संबंधित एक विशेष अवसर है। यह व्रत भक्तों को अपने कर्मों से मुक्ति पाने और आध्यात्मिक रूप से आगे बढ़ने में सहायता करता है।