मोदी कैबिनेट के 4 धमाकेदार फैसले: दिल्ली-NCR की हवा सुधरेगी, हवाई सफर होगा सस्ता और बनेंगे ये शानदार हाईवे
केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बार फिर अपने दूरदर्शी विजन से देश की जनता को बड़ी सौगात दी है। बुधवार को आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में देश के बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और आम जनता की जेब को राहत पहुंचाने वाले चार बेहद महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। इन फैसलों में सबसे बड़ा फोकस दिल्ली-NCR को जानलेवा प्रदूषण से मुक्ति दिलाना और वैश्विक संकट के बीच हवाई किराए को काबू में रखना है। आइए सिलसिलेवार तरीके से विस्तार से जानते हैं मोदी सरकार के इन चार ऐतिहासिक फैसलों के बारे में।
दिल्ली-NCR से हटेंगे कबाड़ हो चुके ट्रक और बसें, सरकार देगी भारी छूट
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों (NCR) में सर्दियों के साथ-साथ पूरे साल रहने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। कैबिनेट ने इस क्षेत्र से पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को पूरी तरह हटाने के लिए 9,585 करोड़ रुपये की एक महायोजना को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत पुराने वाहनों को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल BS-6 मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) से बदला जाएगा।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए वाहन मालिकों को अपने पुराने वाहनों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्क्रैपिंग सेंटर्स पर ही नष्ट करवाना होगा। इसके बाद नया ट्रक या बस खरीदने पर उन्हें एक्स-शोरूम कीमत पर 8% की सीधी छूट मिलेगी। इतना ही नहीं, यदि कोई वाहन मालिक नई गाड़ी के लिए 5 साल का लोन लेता है, तो सरकार उसे 5% ब्याज सब्सिडी के साथ-साथ 4,800 रुपये का मासिक ईंधन वाउचर भी प्रदान करेगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकारें इस योजना के तहत नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क को पूरी तरह माफ करेंगी। इसके अलावा नए वाहनों पर 10 साल तक 100% और पुराने वाहनों पर 50% तक मोटर व्हीकल टैक्स में छूट दी जाएगी। इस ऐतिहासिक कदम से सड़कों से 2 लाख से अधिक पुराने वाहनों के हटने की उम्मीद है, जिससे NCR की हवा में भारी सुधार होगा।
महंगे हवाई सफर से मिलेगी राहत, एयरलाइंस के लिए 10,000 करोड़ का राहत पैकेज
पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसका सीधा असर विमान ईंधन यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर पड़ रहा है। किसी भी एयरलाइन के संचालन खर्च का लगभग 40% हिस्सा सिर्फ ईंधन पर खर्च होता है, जिसकी वजह से हाल के दिनों में उड़ानें प्रभावित हो रही थीं और टिकट के दाम बढ़ रहे थे।
आम जनता और घरेलू व विदेशी हवाई यात्रियों को इस महंगे सफर से बचाने के लिए मोदी कैबिनेट ने 10,000 करोड़ रुपये की विशेष सहायता योजना को मंजूरी दी है। इस फंड की मदद से तेल कंपनियों और एयरलाइंस को ईंधन की बढ़ती कीमतों के झटके से बचाया जा सकेगा, जिससे देश में हवाई किराए स्थिर रहेंगे। सरकार के इस कदम से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलती रहेंगी और यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
ओडिशा के विकास को लगेंगे पंख, रामेश्वर से पारादीप तक बनेगा नया तटीय राजमार्ग
बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट समिति ने ओडिशा में एक बड़े हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। ओडिशा के रामेश्वर से लेकर पारादीप तक एक शानदार नए तटीय राजमार्ग (Coastal Highway) का निर्माण किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने 8,300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
यह नया हाईवे वर्तमान नेशनल हाईवे-16 (NH-16) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। इस मार्ग के तैयार हो जाने के बाद रामेश्वर से पारादीप के बीच का सफर करीब ढाई घंटे कम हो जाएगा। इस परियोजना से ओडिशा के खोरधा, पुरी, केंद्रापारा और जगतसिंहपुर जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। हाईवे बनने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पोर्ट-आधारित व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई रफ्तार मिलेगी।
तेलंगाना को मिला बड़ा तोहफा, NH-63 और NH-563 होंगे अब 4-लेन
दक्षिण भारत के विकास को गति देते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने तेलंगाना राज्य के लिए भी एक बड़ी सड़क परियोजना पर अपनी मुहर लगाई है। राज्य के मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-63 और एनएच-563 को चौड़ा करके अब 4-लेन में बदला जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार 7,597 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है।
इस हाईवे के अपग्रेड होने से स्थानीय जनता को ट्रैफिक जाम और लंबे सफर से बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना पूरी होने के बाद आर्मूर और मंचेरियल के बीच यात्रा का समय लगभग डेढ़ घंटा कम हो जाएगा, वहीं जगतियाल और करीमनगर के बीच सफर करने वाले यात्रियों के कीमती 45 मिनट बचेंगे। सरकार का मानना है कि इस फोर-लेन कनेक्टिविटी से आसपास के पूरे क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास होगा और क्षेत्रीय संपर्क में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।