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May 14 2026 10:21 pm

चुनाव के बाद कोलकाता में भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद, TMC कार्यकर्ता के घर मिली 'मौत की खेप'

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India News Live, Digital Desk: कोलकाता में बड़ी साजिश नाकाम, पुलिस के छापे में हड़कंप पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद भी हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोलकाता में पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता के घर से भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और विस्फोटक बरामद किए हैं। इस बरामदगी के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। चुनाव नतीजों के बाद हुई इस कार्रवाई ने राज्य की कानून व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है।

TMC कार्यकर्ता के घर छिपा था बारूद का ढेर सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता पुलिस की स्पेशल टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी थी। तलाशी के दौरान टीएमसी कार्यकर्ता के घर के भीतर से झोलों में भरकर रखे गए अवैध हथियार और गोला-बारूद मिले। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी कार्यकर्ता को हिरासत में ले लिया है और बरामद सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर चुनाव के बाद इतनी बड़ी मात्रा में गोला-बारूद क्यों इकट्ठा किया गया था और इसके पीछे किसका हाथ है।

बंगाल में 'चुनावी हिंसा' की आग अब तक नहीं हुई ठंडी पश्चिम बंगाल का इतिहास चुनावी और चुनाव के बाद की हिंसा से भरा रहा है। कोलकाता के पॉश इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक, राजनीतिक रंजिश की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ता डराने-धमकने के लिए हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, टीएमसी नेतृत्व ने इन आरोपों को निराधार बताया है, लेकिन कार्यकर्ता के घर से हुई इस बरामदगी ने सरकार को बचाव की मुद्रा में ला खड़ा किया है।

पुलिस की सख्ती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बरामदगी के बाद कोलकाता के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाए। इस मामले में एनआईए (NIA) की एंट्री की भी संभावनाएं जताई जा रही हैं, क्योंकि मामला भारी मात्रा में विस्फोटक और गोला-बारूद की बरामदगी से जुड़ा है। फिलहाल पुलिस आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड और संपर्कों को खंगाल रही है ताकि इस नेटवर्क की तह तक पहुंचा जा सके।