प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर गहराया विवाद: शिष्य की संदिग्ध मौत के बाद अब युवती, किशोर और 10 साल का बच्चा लापता
मथुरा के वृंदावन में विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज का आश्रम 'राधा केली कुंज' इन दिनों गंभीर विवादों और चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। पिछले दिनों आश्रम से जुड़े 25 वर्षीय शिष्य दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में चौथी मंजिल से गिरकर हुई मौत की गुत्थी अभी सुलझी भी नहीं थी कि अब आश्रम के आसपास से कई लोगों के लापता होने की शिकायतों ने माहौल गरमा दिया है।
हाथरस से आए एक नाबालिग किशोर के परिजनों द्वारा आश्रम के बाहर धरना दिए जाने के दौरान ही नोएडा की एक 38 वर्षीय युवती और आश्रम के बाहर ढाबे पर रहने वाले 10 वर्षीय बच्चे के लापता होने की बात भी सामने आई है। एक साथ सामने आए इन मामलों के बाद स्थानीय पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं, जबकि आश्रम के बाहर परिजनों के हंगामे से हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
शिष्य रसिक दुलारी की संदिग्ध मौत: ग्राइंडर और चोटों के निशान ने उलझाई गुत्थी
इस पूरे विवाद की शुरुआत 25 सितंबर को हुई, जब मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 25 वर्षीय शिष्य दीपक पटेल (दीक्षा नाम- रसिक दुलारी शरण) की आश्रम परिसर के समीप स्थित बहुमंजिला भवन की चौथी मंजिल से नीचे गिरने के बाद मौत हो गई।
घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को उसके कमरे से एक ग्राइंडर और खून के धब्बे मिले, और अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि उसके शरीर व अंगों पर गंभीर चोटें थीं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इसे आत्महत्या का प्रयास मानकर जांच कर रही है। वहीं, मृतक की मां और परिजनों ने आरोप लगाया था कि उन्हें बेटे से आसानी से मिलने नहीं दिया जाता था। इस घटना के बाद से ही आश्रम की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए थे।
हाथरस के किशोर अनुज चौधरी के परिजनों का आश्रम गेट पर धरना
शिष्य की मौत के बाद हाथरस निवासी 17 वर्षीय किशोर अनुज चौधरी के परिजनों ने आश्रम प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए शुक्रवार को राधा केली कुंज के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि अनुज महाराज जी से दीक्षा लेने और भक्ति के उद्देश्य से यहां आया था, लेकिन उसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।
शिष्य की मौत की खबर सुनकर भयभीत परिजन जब अपने बेटे की खोज में वृंदावन पहुंचे, तो उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आश्रम प्रबंधन से पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ है कि अनुज को जून के महीने में दीक्षा दी गई थी, लेकिन वह वर्तमान में आश्रम में नहीं रह रहा था। पुलिस टीम परिजनों को आश्वस्त करते हुए लापता किशोर की तलाश में जुटी है।
नोएडा की 38 वर्षीय युवती विभा और ढाबे से 10 वर्षीय बच्चा भी गायब
अनुज के परिजनों के धरने के दौरान ही दो अन्य लापता मामलों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया:
नोएडा से आई युवती विभा: नोएडा के सेक्टर-56 निवासी उमेश सिन्हा अपनी 38 वर्षीय एमबीए पास बेटी विभा की तलाश करते हुए आश्रम के बाहर पहुंचे। पिता के अनुसार, विभा 15 अगस्त को घर से संत प्रेमानंद जी महाराज से दीक्षा लेने की बात कहकर वृंदावन के लिए निकली थी, लेकिन तब से उसका फोन बंद है और कोई संपर्क नहीं हो सका है। इस संबंध में नोएडा में गुमशुदगी भी दर्ज है।
10 वर्षीय बच्चा वंश: आश्रम के ठीक बाहर स्थित एक ढाबे में खाना बनाने वाली महिला अनीता (निवासी नजफगढ़) ने बताया कि उसका 10 साल का बेटा वंश अचानक लापता हो गया है। महिला कुछ दिनों के लिए अपने गांव गई थी और बच्चे को ढाबा संचालक के भरोसे छोड़ गई थी, लेकिन लौटने पर बच्चा नहीं मिला।
पुलिस प्रशासन की जांच जारी, आश्रम की ओर से सहयोग का भरोसा
एक के बाद एक सामने आ रही शिकायतों को लेकर वृंदावन कोतवाली और मथुरा पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन घटनाओं को सीधे तौर पर एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जा सकता, लेकिन सभी गुमशुदगी और शिष्य की मौत के मामले की निष्पक्ष व गहन जांच की जा रही है।
आश्रम प्रबंधन की ओर से भी जांच में पूरा प्रशासनिक सहयोग देने की बात कही गई है। इस बीच, महाराज जी के रात्रि पदयात्रा के बंद होने और सोशल मीडिया पर नए वीडियोज के अंतराल को लेकर भी भक्तों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, जिससे प्रशासन पर मामलों का जल्द से जल्द खुलासा करने का दबाव बढ़ गया है।