नौकरी दिलाने वाले ही बेरोजगार? भर्ती इंडस्ट्री में सबसे बड़ी गिरावट से बढ़ी चिंता

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India News Live, Digital Desk : देश में नई भर्तियों की रफ्तार सुस्त पड़ने का असर अब भर्ती उद्योग पर ही दिखने लगा है। जिन कंपनियों का काम लोगों को नौकरी दिलाना है, वही अब मंदी की मार झेल रही हैं। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, नए हायरिंग ऑर्डर्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे रिक्रूटमेंट सेक्टर में अनिश्चितता बढ़ गई है।

नई भर्तियों में तेज संकुचन

विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भर्ती की रफ्तार धीमी होने से प्लेसमेंट एजेंसियों के काम पर सीधा असर पड़ा है। कई कंपनियों ने लागत नियंत्रण के तहत नई नियुक्तियों पर रोक या कटौती कर दी है।

भर्ती क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Randstad India के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव नाथ घोष ने कहा कि मौजूदा समय में नई भर्तियों में उल्लेखनीय गिरावट देखी जा रही है। उनके मुताबिक, कंपनियां फिलहाल विस्तार योजनाओं को टाल रही हैं और मौजूदा कर्मचारियों के साथ ही काम चला रही हैं।

किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर?

आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर, जो पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर भर्ती कर रहे थे, अब अपेक्षाकृत सतर्क रुख अपना रहे हैं। स्टार्टअप इकोसिस्टम में फंडिंग की कमी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता भी एक बड़ा कारण मानी जा रही है।

नौकरी तलाशने वालों के लिए क्या संकेत?

विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बाजार में स्किल-आधारित और विशेष भूमिकाओं की मांग बनी हुई है, लेकिन सामान्य भर्तियों में गिरावट आई है। उम्मीदवारों को अपस्किलिंग और मल्टी-स्किलिंग पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।

आगे की राह

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक आर्थिक माहौल स्थिर होता है और कंपनियों का विश्वास लौटता है, तो भर्ती गतिविधियां धीरे-धीरे पटरी पर आ सकती हैं। फिलहाल रिक्रूटमेंट इंडस्ट्री के लिए यह दौर चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।