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September 07 2026 01:30 pm

भोजपुरी तड़के के साथ वायरल हुआ 'चिट्टियां कलाइयां': मृत्युंजय कुमार की आवाज ने इंटरनेट पर मचाई धूम

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India News Live,Digital Desk : बॉलीवुड गानों का भोजपुरी रूपांतरण आजकल सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड बन चुका है। इसी कड़ी में आर्टिस्ट मृत्युंजय कुमार का एक वीडियो इंटरनेट पर छा गया है, जिसमें उन्होंने जैकलीन फर्नांडिस के सुपरहिट सॉन्ग 'चिट्टियां कलाइयां' को भोजपुरी अंदाज में ढाल दिया है। इस वर्जन को लोग इतना पसंद कर रहे हैं कि मात्र 3 दिनों में ही इसे 7 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।

"पहनादा सैंया सोनवा के झुमका..."

मृत्युंजय ने इस गाने के बोलों में भोजपुरी मिठास घोलते हुए इसे बेहद देसी रंग दिया है। गाने के नए बोल कुछ इस तरह हैं:

"पहनादा सैंया सोनवा के झुमका, जब पहनब लगाई देल ठुमका... चली ना हमके पटना घुमा दी, चली ना हमके शॉपिंग करा दी।"

गाने का भाव भी बिल्कुल वैसा ही है—एक पत्नी की अपने पति से पटना घुमाने, शॉपिंग कराने और फिल्म दिखाने की प्यारी सी फरमाइश। संगीत की धुन वही पुरानी है, लेकिन भोजपुरी लिरिक्स ने इसे एकदम फ्रेश और मनोरंजक बना दिया है।

फैंस का मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स

इस रील पर अब तक 7.1 मिलियन व्यूज और 5 लाख से अधिक लाइक्स आ चुके हैं। प्रशंसक कमेंट सेक्शन में इस वर्जन की जमकर तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "भैया, यह ओरिजिनल गाने से भी ज्यादा अच्छा लगा।" तो वहीं अन्य लोगों ने पूरे गाने को अपलोड करने की डिमांड कर दी है। कई फैंस ने इस बात की सराहना की है कि कैसे मृत्युंजय भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री को एक 'क्लीन' और 'बेहतरीन' दिशा दे रहे हैं।

कौन हैं मृत्युंजय कुमार?

मृत्युंजय कुमार ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल के जरिए बॉलीवुड, साउथ, गुजराती और पंजाबी गानों को भोजपुरी में रीक्रिएट करने का एक नया सिलसिला शुरू किया है। उनकी खासियत यह है कि वे गानों में गांव की सादगी, जीवन की कला और मधुर भोजपुरी शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।

सफलता का सफर: कुछ समय पहले तक कम फॉलोअर्स के साथ काम शुरू करने वाले मृत्युंजय के अब 159K (1.59 लाख) से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं।

अन्य लोकप्रिय रीक्रिएशन: 'चिट्टियां कलाइयां' के अलावा, 'तेरे नाम का गांव वाला वर्जन' और 'कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया' के उनके भोजपुरी वर्जन भी दर्शकों के बीच खासे लोकप्रिय हुए हैं।

सोशल मीडिया पर उनकी बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि अगर भोजपुरी गीतों को अच्छी और सकारात्मक शब्दावली के साथ पेश किया जाए, तो दर्शक उसे दिल खोलकर स्वीकार करते हैं।