केंद्र सरकार ने 18 महीने के DA/DR एरियर का भुगतान करने से किया इनकार, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में निराशा
India News Live,Digital Desk : कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) की तीन किस्तें रोक दी थीं। ये किस्तें जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 की थीं। कुल 18 महीने का एरियर था, जिसे कोविड के कारण पड़े आर्थिक दबाव को कम करने के लिए रोक दिया गया था। 11 अगस्त को सांसद आनंद भदौरिया ने लोकसभा में पूछा था कि क्या सरकार अब इन एरियर का भुगतान करने की योजना बना रही है? उन्होंने याद दिलाया कि कोविड-19 के दौरान आर्थिक व्यवधान और सरकार पर पड़े वित्तीय दबाव को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया था।
सरकार ने यह जवाब दिया।
वित्त मंत्रालय ने जवाब में कहा कि सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान कई कल्याणकारी योजनाएँ लागू की थीं, जिनका वित्तीय प्रभाव 2020-21 के बाद भी जारी रहा। ऐसे में, 18 महीने के डीए/डीआर बकाया का भुगतान करना "संभव नहीं" है।
डीए और डीआर क्या है?
केंद्र सरकार महंगाई के प्रभाव को संतुलित करने के लिए अपने कर्मचारियों को डीए यानी महंगाई भत्ता देती है। इसी तरह, पेंशनभोगियों को डीआर यानी महंगाई राहत भी दी जाती है। आमतौर पर इसे साल में दो बार बढ़ाया जाता है, लेकिन कोविड काल में इसे रोक दिया गया था।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में निराशा
सरकार के इस बयान के बाद लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में निराशा है, क्योंकि वे लंबे समय से इस बकाया राशि का इंतज़ार कर रहे थे। अब साफ़ है कि फिलहाल इसकी कोई संभावना नहीं है।
कुल मिलाकर सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के 18 महीने के DA/DR एरियर का भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया है। कहा जा रहा है कि कोरोना काल में 18 महीने तक DA-DR रोककर केंद्र सरकार ने 34,402 करोड़ रुपये बचाए।
महंगाई भत्ता (डीए) सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को महंगाई से राहत देने के लिए वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा है। इसका उद्देश्य बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करना है। पेंशनभोगियों को भी इसी तरह की राहत देने के लिए महंगाई राहत (डीआर) दी जाती है।