क्या किसी का चार्जर लगाने से आपका फोन सच में पड़ सकता है ख़तरे में
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-22 15:24:00
India News Live,Digital Desk : आजकल स्मार्टफोन हमारी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन गए हैं। दिन भर इस्तेमाल करने के बाद जब हमारे फोन की बैटरी खत्म हो जाती है, तो हम अक्सर बिना सोचे-समझे किसी से चार्जर मांग लेते हैं।

स्मार्टफोन आजकल हमारी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन गए हैं। दिन भर इस्तेमाल के बाद, जब हमारे फोन की बैटरी खत्म हो जाती है, तो हम अक्सर बिना सोचे-समझे चार्जर का इस्तेमाल कर लेते हैं। लेकिन साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह छोटी सी आदत आपके फोन के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। किसी अनजान चार्जर का इस्तेमाल न सिर्फ़ आपके डिवाइस को नुकसान पहुँचा सकता है, बल्कि आपकी निजी जानकारी को भी खतरे में डाल सकता है।

एथिकल हैकर और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रयान मोंटगोमरी ने इस बारे में एक अहम खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कुछ चार्जिंग केबल देखने में बिल्कुल सामान्य लगते हैं, लेकिन उनमें छिपे हुए हैकिंग उपकरण होते हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे एक साधारण सा दिखने वाला चार्जिंग केबल आपके कंप्यूटर को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले सकता है। उनका कहना है कि किसी और के केबल का इस्तेमाल करना साइबरबुलिंग को सीधा न्योता देना है।

रयान के अनुसार, हैकर्स ने अब ऐसे उन्नत केबल विकसित कर लिए हैं जो एक ही समय में चार्जिंग और डेटा ट्रांसफर दोनों करते हैं। जैसे ही आप ऐसे केबल को अपने फ़ोन या लैपटॉप से कनेक्ट करते हैं, यह आपके सिस्टम तक पहुँच सकता है और निजी डेटा चुरा सकता है। इसमें पासवर्ड, बैंक विवरण, फ़ोटो और चैट जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल हो सकती है। इसलिए, हमेशा अपना चार्जिंग केबल इस्तेमाल करें और किसी और के केबल पर भरोसा न करें।

अगर आप सुरक्षा के प्रति सजग हैं, तो विशेषज्ञ USB डेटा ब्लॉकर इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। यह छोटा सा उपकरण चार्ज करते समय डेटा ट्रांसफर को रोकता है और आपके फ़ोन को सुरक्षित रखता है। हालाँकि, नकली डेटा ब्लॉकर भी उपलब्ध हैं, और उन्हें पहचानना ज़रूरी है। असली ब्लॉकर में दो पिन होते हैं, जबकि नकली ब्लॉकर में चार पिन होते हैं, इसलिए खरीदते समय सावधानी बरतें।

न केवल दूसरों के चार्जर से, बल्कि सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों से भी दूर रहें। एफबीआई पहले ही चेतावनी दे चुका है कि हवाई अड्डों, होटलों और मॉल जैसी जगहों पर मुफ़्त चार्जिंग पोर्ट्स में जूस जैकिंग का ख़तरा हो सकता है। इससे हैकर्स आपके फ़ोन में मैलवेयर डाल सकते हैं, आपके डिवाइस को लॉक कर सकते हैं या आपका सारा डेटा चुरा सकते हैं।

ऐसे में, चार्जर उधार लेना या सार्वजनिक चार्जिंग पोर्ट का इस्तेमाल करना जोखिम भरा लग सकता है। एक छोटी सी गलती आपकी निजता, डेटा और पैसे को खतरे में डाल सकती है। इसलिए, अगली बार जब आपके फ़ोन की बैटरी खत्म हो जाए, तो उसे चार्ज करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें।