दिल्ली और महाराष्ट्र में ढहीं इमारतें, उत्तराखंड से गुजरात तक आफत की बारिश; देश के 17 राज्यों में महा-इफेक्ट का रेड अलर्ट
देश के बड़े हिस्से में मानसून (Monsoon 2026) काल बनकर बरस रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, मुंबई, गुजरात, केरल, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत देश के 17 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जगह-जगह जलभराव, बाढ़, भीषण भूस्खलन (Landslide) और आकाशीय बिजली गिरने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दिल्ली और महाराष्ट्र में इमारतें ढहने से कई लोगों की मौत हो गई है, जबकि गुजरात के सूरत में बाढ़ के पानी ने भारी तबाही मचाई है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले 48 घंटों के लिए भीषण बारिश और आंधी-तूफान का रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली और महाराष्ट्र में भीषण हादसा: मलबे में तब्दील हुईं बहुमंजिला इमारतें
देश की राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 इलाके से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां बुधवार शाम को भारी बारिश के बाद एक पांच मंजिला नवनिर्मित (Newly Constructed) इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण सड़कें दरिया बन चुकी हैं और अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हैं।
ठीक इसी तरह का खौफनाक मंजर महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवड़ में भी देखने को मिला। यहाँ भारी बारिश के बीच अचानक कचरे का एक बहुत बड़ा ढेर खिसक कर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक तीन मंजिला रिहायशी इमारत पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई। इस मलबे में कम से कम 16 लोगों के दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है, जिन्हें निकालने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय राहत दल युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। इसके अलावा मुंबई में मूसलाधार बारिश के चलते गोदावरी नदी उफान पर है और लोकल ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
महाराष्ट्र की नदी में बहे 3000 एलपीजी सिलेंडर, मध्य प्रदेश में उफान पर नदियां
सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले का एक बेहद हैरान करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में रायगढ़ स्थित एचपीसीएल (HPCL) पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की सुरक्षा दीवार ढहने के बाद बाढ़ का पानी परिसर में घुसता दिख रहा है। पानी का बहाव इतना तेज था कि प्लांट में रखे करीब 3,000 एलपीजी गैस सिलेंडर बहकर सीधे पातालगंगा नदी और खारपाड़ा क्रीक में चले गए।
मध्य प्रदेश में भी मानसून का तगड़ा प्रहार देखने को मिला है, जहाँ बुधवार को सूबे के 27 जिलों में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई। दमोह में सबसे ज्यादा 1.75 इंच पानी बरसा, जिससे सभी नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। खरगोन जिले में उफनती रूपारेल नदी के तेज बहाव को पार करने की कोशिश में एक युवक बह गया, जिसकी तलाश जारी है।
गुजरात के सूरत में बाढ़ से 13 मौतें, उत्तराखंड में नेशनल हाईवे पर भारी लैंडस्लाइड
गुजरात का सूरत शहर इस समय बाढ़ की सबसे भीषण विभीषिका झेल रहा है। पिछले 24 घंटों में सूरत में आई भयानक बाढ़ के कारण कम से कम 13 लोगों की पानी में डूबने से मौत हो गई है। सबसे ज्यादा शव दिंडोली पुलिस थाना क्षेत्र से बरामद किए गए हैं। सूरत के निचले इलाकों में पानी भर जाने से 3,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है, जबकि 3,800 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है।
देवभूमि उत्तराखंड में भी कुदरत का कहर जारी है। पहाड़ों पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते उत्तरकाशी में नालूपानी के पास और यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर भारी भूस्खलन हुआ है, जिससे चारधाम यात्रा का मार्ग बाधित हुआ है। वहीं टिहरी गढ़वाल में एनएच-707ए (NH-707A) पर लैंडस्लाइड की वजह से एक पूरा मकान जमींदोज हो गया। हरिद्वार और रुड़की के मैदानी इलाकों में भी सड़कें पानी से लबालब भरी हुई हैं।
केरल के वायनाड में टनल प्रोजेक्ट पर भूस्खलन, यूपी में आकाशीय बिजली का कहर
दक्षिण भारत के केरल राज्य के वायनाड जिले में एक बड़ा हादसा हुआ है। वायनाड और कोझिकोड को जोड़ने वाली अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पडी जुड़वां सुरंग (Twin Tunnel Project) निर्माण स्थल के पास हुए भीषण भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। एनडीआरएफ की टीमें मलबे में लापता अन्य चार लोगों की तलाश के लिए लगातार तीसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी आफत ने किसानों को अपना निशाना बनाया है। बुधवार को यूपी के देवरिया, पीलीभीत और इटावा जिलों में खेतों में काम कर रहे तीन किसानों की आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा आगरा, बदायूं और मथुरा में पुराने मकान और दुकानें ढहने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली, यूपी और हरियाणा के इलाकों में अगले कुछ घंटों में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।