BREAKING:
September 23 2026 11:36 pm

मिशन 2027 के लिए यूपी में भाजपा की महा-टीम: प्रभारी विनोद तावड़े को मिले 4 सह-प्रभारी; जगदीश, मेधा, प्रदीप और अनंत को जिम्मा

Post

उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सांगठनिक ढांचे को पूरी तरह चाक-चौबंद कर दिया है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। इसमें राजनीतिक रूप से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के लिए एक अभेद्य टीम तैयार की गई है।

राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का मुख्य प्रभारी बनाए रखने के साथ ही अब उनके सहयोग के लिए चार कद्दावर सह-प्रभारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले कई दिग्गज नेताओं को देश के दूसरे महत्वपूर्ण राज्यों में प्रभारी और सह-प्रभारी बनाकर बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

तावड़े की टीम में 4 सह-प्रभारी: गुजरात, महाराष्ट्र और झारखंड का मजबूत तालमेल

उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में सांगठनिक समन्वय और छह संगठनात्मक क्षेत्रों (पश्चिम, ब्रज, अवध, काशी, गोरखपुर और कानपुर-बुंदेलखंड) में चुनावी रणनीति को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए भाजपा ने अनुभवी नेताओं को सह-प्रभारी बनाया है:

जगदीश पटेल: गुजरात से आने वाले जगदीश पटेल भाजपा के राष्ट्रीय सचिव हैं। वे गुजरात विधानसभा में विधायक रह चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह के गृह राज्य में लंबे समय तक जमीनी संगठन का अनुभव रखते हैं।

मेधा कुलकर्णी: महाराष्ट्र से आने वालीं डॉ. मेधा कुलकर्णी वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। सांसद बनने से पहले वे पुणे की कोथरुड सीट से विधायक रह चुकी हैं। महिला मोर्चा और संगठन में बौद्धिक वर्ग के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

डॉ. प्रदीप वर्मा: झारखंड भाजपा के प्रदेश महासचिव और वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। संगठन विस्तार, कैडर मैनेजमेंट और पिछड़े वर्गों के बीच समन्वय में उनकी सांगठनिक दक्षता का लाभ यूपी को मिलेगा।

अनंत ओझा: झारखंड से दो बार के विधायक रहे अनंत ओझा झारखंड भाजपा में प्रदेश महासचिव रह चुके हैं। छात्र राजनीति (ABVP) से निकले ओझा युवा विंग और बूथ प्रबंधन के माहिर रणनीतिकार माने जाते हैं।

यूपी के नेताओं को भी मिला दूसरे राज्यों का अहम प्रभार

भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में उत्तर प्रदेश के नेताओं का दबदबा एक बार फिर खुलकर सामने आया है। पार्टी आलाकमान ने यूपी के कई वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को अन्य राज्यों में संगठन विस्तार और आगामी चुनावों की कमान सौंपी है:

स्मृति ईरानी: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा जैसे अहम राज्यों का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है।

हरीश द्विवेदी: राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बिहार और कर्नाटक का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

श्रीकांत शर्मा: मथुरा से विधायक और पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को हिमाचल प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।

डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय: पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय को केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का प्रभारी बनाया गया है।

यूपी के इन चेहरों को मिली सह-प्रभारी की जिम्मेदारी

प्रभारियों के अलावा यूपी से आने वाले सांसदों और पदाधिकारियों को कई राज्यों में सह-प्रभारी का दायित्व दिया गया है:

रेखा वर्मा: राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा को मध्य प्रदेश और तेलंगाना की सह-प्रभारी बनाया गया है।

संगीता यादव: राज्यसभा सांसद संगीता यादव को बिहार का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।

भोला सिंह: बुलंदशहर से सांसद भोला सिंह को हरियाणा का सह-प्रभारी बनाया गया है।

दर्शना सिंह: राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह को हिमाचल प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है।

स्वदेश सिंह: राष्ट्रीय नेता स्वदेश सिंह को ओडिशा का सह-प्रभारी बनाया गया है।

2027 की बिसात: काशी से सहारनपुर तक भाजपा की सघन घेराबंदी

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों के बाद पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी विनोद तावड़े पहले ही अवध, काशी और गोरखपुर क्षेत्र में पदाधिकारियों व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ समन्वय बैठकें कर चुके हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व ने पश्चिमी यूपी के मेरठ और सहारनपुर का दौरा कर जमीनी नब्ज टटोली है।

अब चार नए सह-प्रभारियों की तैनाती से यूपी के सभी 75 जिलों और 403 विधानसभाओं में पार्टी के कार्यक्रमों, बूथ सशक्तिकरण अभियान और 'कमल मित्र' योजनाओं की निगरानी सीधे तौर पर तेज हो जाएगी।