बंगाल चुनाव से पहले भाजपा का 'महिला कार्ड': 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र
India News Live,Digital Desk : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने महिला वोटबैंक को साधने के लिए एक बड़ी रणनीति तैयार की है। केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण एक्ट में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसे पारित करने के लिए 16 अप्रैल से तीन दिनों का संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस विधायी कदम के साथ ही भाजपा जमीन पर महिलाओं के बीच एक व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है।
संसद का विशेष सत्र और 2029 का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन को हरी झंडी दे दी है। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य आरक्षण की प्रक्रिया को सरल बनाना और इसे 2029 के आम चुनाव से ही प्रभावी रूप से लागू करने का मार्ग प्रशस्त करना है। 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष सत्र में विधेयक को चर्चा और मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।
13 अप्रैल को पीएम मोदी का बड़ा संबोधन
विधेयक पेश होने से पहले, 13 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर की महिला कार्यकर्ताओं, उद्यमियों और प्रभावशाली महिलाओं (Influencers) को संबोधित करेंगे। इस वर्चुअल संवाद के माध्यम से पीएम मोदी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भाजपा के प्रयासों और इस ऐतिहासिक कानून के दूरगामी फायदों के बारे में जानकारी देंगे।
भाजपा का 'मिशन महिला': अभियान की मुख्य बातें
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन इस पूरे अभियान की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों (अश्विनी वैष्णव, अन्नपूर्णा देवी) के साथ बैठक कर रणनीति तय की है:
विजिटर गैलरी में महिला हस्तियां: संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के दौरान देश की नामचीन महिला हस्तियों और विभिन्न क्षेत्रों की लीडर्स को विजिटर गैलरी में आमंत्रित किया जाएगा, ताकि वे इस ऐतिहासिक फैसले की गवाह बन सकें।
स्थानीय निकायों से जुड़ाव: पंचायत और नगर निकायों की महिला प्रतिनिधियों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा ताकि यह संदेश गांव-गांव तक पहुंचे।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स: भाजपा उन महिला इन्फ्लुएंसर्स की मदद लेगी जिनकी सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ है, ताकि युवाओं और शहरी महिलाओं तक अपनी बात पहुंचाई जा सके।
राज्यों में बड़े आयोजन: भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने राज्यों में महिला सम्मेलनों का आयोजन करें।
बंगाल चुनाव पर नजर: क्या बदलेगा समीकरण?
पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है। बंगाल में महिला मतदाता हमेशा से निर्णायक भूमिका में रही हैं। भाजपा की इस कवायद को ममता बनर्जी के महिला वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। महिला आरक्षण का मुद्दा उठाकर भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि वह केवल वादे नहीं करती, बल्कि संसद में कानून बनाकर महिलाओं को उनका अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है।