परिवहन निगम के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, अब 'ऑनलाइन' मिलेगी छुट्टी, रजिस्टर का खेल खत्म और पारदर्शिता आएगी..

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के हजारों कर्मचारियों के लिए काम की खबर है। विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब रोडवेज के ड्राइवरों, कंडक्टरों और अन्य स्टाफ को छुट्टी के लिए बाबू के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही रजिस्टर पर अर्जी देनी होगी। परिवहन निगम ने पहली बार व्यवस्था लागू की है कि सभी कर्मचारियों को अपनी छुट्टी अब 'मानव संपदा पोर्टल' (Manav Sampada Portal) पर ऑनलाइन ही अपलोड करनी होगी। इस ऐतिहासिक बदलाव से अवकाश प्रक्रिया में न केवल तेजी आएगी, बल्कि इसमें होने वाली धांधली पर भी लगाम लगेगी।

डिजिटल व्यवस्था से खत्म होगी छुट्टी की 'सेटिंग'

अक्सर देखा जाता था कि परिवहन निगम के डिपो और कार्यालयों में छुट्टी को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच खींचतान बनी रहती थी। कई बार चहेते कर्मचारियों को छुट्टी मिल जाती थी और जरूरतमंदों की अर्जी पेंडिंग रहती थी। अब मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था होने से यह 'सेटिंग' वाला खेल पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अधिकारी अब ऑनलाइन ही आवेदनों को देख सकेंगे और उन्हें तय समय सीमा के भीतर स्वीकृति या अस्वीकृति देनी होगी। यह व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य विभाग के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।

पोर्टल पर दर्ज होगा पूरा सर्विस रिकॉर्ड

मानव संपदा पोर्टल पर केवल छुट्टी ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों का पूरा डेटाबेस और सर्विस रिकॉर्ड भी अपडेट किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किस कर्मचारी ने साल भर में कितनी छुट्टियां ली हैं और कितनी शेष हैं, यह एक क्लिक पर पता चल सकेगा। परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इस डिजिटल पहल से न केवल कागजी काम कम होगा, बल्कि कर्मचारियों के वेतन और भत्तों की गणना में होने वाली गलतियां भी कम होंगी। विभाग ने सभी डिपो प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों को इस नई व्यवस्था के प्रति जागरूक करें और उन्हें पोर्टल का उपयोग करना सिखाएं।

पारदर्शिता के साथ बढ़ेगी कार्यकुशलता

परिवहन निगम का मानना है कि इस कदम से कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि होगी। जब छुट्टी की प्रक्रिया पारदर्शी होगी, तो विवाद कम होंगे और ऑपरेशनल कार्यों में सुधार आएगा। विशेष रूप से त्योहारों या विशेष अवसरों पर जब रोडवेज पर यात्रियों का भार बढ़ जाता है, तब ऑनलाइन डेटा के जरिए मैनपावर को मैनेज करना आसान होगा। रोडवेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में सभी प्रकार के अवकाश, चाहे वे आकस्मिक (CL) हों या चिकित्सा (Medical), अनिवार्य रूप से इसी पोर्टल के माध्यम से प्रोसेस किए जाएंगे।