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September 23 2026 07:34 am

थोक और वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए ईंधन की कीमतों में बड़ा बदलाव: आम खुदरा पंपों से खरीद पर रोक, जानिए किन ग्राहकों पर पड़ेगा सीधा असर

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला के दबाव के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने ईंधन खरीद को लेकर महत्वपूर्ण नीतिगत निर्देश लागू किए हैं। सरकार ने आम खुदरा उपभोक्ताओं (Retail Consumers) को महंगाई से राहत देते हुए पेट्रोल पंपों पर दैनिक कीमतों को स्थिर बनाए रखा है, लेकिन औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत थोक खरीदारों (Bulk and Commercial Users) के लिए बाजार-आधारित (Market-linked) संशोधित दरें लागू की हैं। इसके साथ ही, खुदरा और थोक कीमतों के बीच आए बड़े अंतर के कारण बड़े उपभोक्ताओं के रिटेल पंपों से ईंधन खरीदने पर अस्थायी पाबंदियां लगाई गई हैं ताकि आम जनता के लिए पेट्रोल पंपों पर ईंधन की किसी प्रकार की किल्लत न हो।

किन ग्राहकों के लिए लागू हुईं नई दरें और पाबंदियां?

पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा अधिसूचित नियमों के अनुसार, नई दरें और खरीद प्रतिबंध मुख्य रूप से उन श्रेणियों पर लागू हैं जो बड़े पैमाने पर ईंधन का उपभोग करते हैं:

औद्योगिक इकाइयां और विनिर्माण कारखाने (Factories & Industries): वे सभी संयंत्र जो उत्पादन और भारी मशीनरी चलाने के लिए थोक में ईंधन खरीदते हैं।

टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर्स: मोबाइल टावरों को 24 घंटे बिजली देने के लिए उपयोग किए जाने वाले भारी क्षमता वाले डीजल जेनरेटर (DG Sets) के लिए ईंधन मंगाने वाली कंपनियां।

निजी ट्रांसपोर्ट फ्लीट और लॉजिस्टिक्स फर्में: बड़ी मालवाहक कंपनियां और निजी बस संचालक जो अपने कैप्टिव फ्यूल स्टेशनों के जरिए संचालन करते हैं।

कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं: हाईवे निर्माण, खनन और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में लगी बड़ी मशीनरी के लिए ईंधन मंगाने वाले संस्थान।

कैप्टिव पावर प्लांट्स: बिजली उत्पादन के लिए डीजल को प्राथमिक या बैकअप ईंधन के रूप में उपयोग करने वाले वाणिज्यिक परिसर।

खुदरा और थोक दरों में बड़ा अंतर बना फैसले की मुख्य वजह

पश्चिम एशिया और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में उपजे भू-राजनीतिक तनाव के चलते तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने अंतरराष्ट्रीय लागतों को थोक ईंधन आपूर्ति पर सीधे ट्रांसफर किया। नतीजतन, थोक खरीदारों के लिए डीजल की दरें खुदरा पंपों के मुकाबले काफी ऊपर पहुंच गईं।

इस बड़े मूल्य अंतर (Price Discrepancy) के कारण कई वाणिज्यिक संस्थानों और ट्रांसपोर्टरों ने थोक टैंकर मंगाना बंद कर अपनी गाड़ियां सीधे आम पेट्रोल पंपों पर भेजकर भारी मात्रा में तेल भरवाना शुरू कर दिया था। इससे कई इलाकों के रिटेल पंपों पर असामान्य मांग बढ़ गई थी और आपूर्ति असंतुलन का खतरा पैदा हो गया था। इसी डायवर्जन और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने बल्क यूजर्स को अधिकृत थोक बिक्री बिंदुओं (Bulk Sale Points) से ही ईंधन लेने के निर्देश जारी किए हैं।

आम वाहन चालकों और खुदरा ग्राहकों के लिए राहत बरकरार

दैनिक आवागमन के लिए कार, बाइक, स्कूटर या छोटे वाणिज्यिक वाहन चलाने वाले आम नागरिकों के लिए पेट्रोल पंपों पर कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम अपने पिछले स्तरों पर ही स्थिर बने हुए हैं:

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर | डीजल ₹95.20 प्रति लीटर

मुंबई: पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर | डीजल ₹97.83 प्रति लीटर

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51 प्रति लीटर | डीजल ₹99.82 प्रति लीटर

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 प्रति लीटर | डीजल ₹99.55 प्रति लीटर

सरकार और तेल विपणन कंपनियों ने साफ किया है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिटेल आउटलेट्स पर निगरानी रखी जा रही है ताकि केवल अधिकृत वाहन ही सामान्य दरों पर ईंधन ले सकें और थोक उपभोक्ताओं को उनकी निर्धारित व्यवस्था के तहत ही आपूर्ति की जाए।