Bengal shaken by strong earthquake tremors: बांग्लादेश में था केंद्र, कोलकाता में पुरानी इमारतों के झुकने की अफवाह से मची अफरा-तफरी

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India News Live,Digital Desk : शुक्रवार की दोपहर पश्चिम बंगाल के लिए दहशत भरी रही। बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती क्षेत्रों और पड़ोसी देश बांग्लादेश में आए 5.5 तीव्रता के भूकंप ने कोलकाता समेत पूरे दक्षिण बंगाल को हिलाकर रख दिया। दोपहर करीब 1:22 बजे आए इन झटकों ने लोगों को 2015 के विनाशकारी भूकंप की याद दिला दी। कंपन इतना जोरदार था कि लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊंची इमारतों और दफ्तरों से निकलकर खुले मैदानों और सड़कों की ओर भागने लगे।

बांग्लादेश का खुलना-सतखीरा रहा केंद्र

नेशनल सेंटर फॉर सिसमोलॉजी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र बांग्लादेश का खुलना (सतखीरा) जिला था।

दूरी: यह केंद्र पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती शहर टाकी से महज 26 किमी और कोलकाता से लगभग 100 किमी दूर था।

गहराई: जमीन से केवल 9.8 किलोमीटर नीचे केंद्र होने के कारण भूकंप की तीव्रता बहुत अधिक महसूस की गई। उथले केंद्र वाले भूकंप अक्सर अधिक नुकसानदेह साबित होते हैं।

कोलकाता में फैली दहशत, पुरानी इमारतों पर नजर

भूकंप के झटके महसूस होते ही कोलकाता के मेटकाफ स्ट्रीट इलाके में एक बहुमंजिला इमारत के झुकने की खबर आग की तरह फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हालांकि, जांच के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इमारत की स्थिति पहले से ही वैसी थी और भूकंप से किसी नए स्ट्रक्चरल डैमेज के सबूत नहीं मिले हैं। कोलकाता के अलावा हावड़ा, हुगली, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर में भी लोगों ने तेज कंपन महसूस किया।

एक ही दिन में दो राज्यों में कंपन: विशेषज्ञों की बढ़ी चिंता

शुक्रवार का दिन भूगर्भीय हलचलों के लिहाज से काफी संवेदनशील रहा। दक्षिण बंगाल में आए बड़े झटके से ठीक पहले, दोपहर करीब 12 बजे सिक्किम में भी 2.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। हिमालयी क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के पास बार-बार आ रहे ये झटके भूवैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि टेक्टोनिक प्लेट्स में मची यह हलचल आने वाले समय के लिए एक चेतावनी हो सकती है।

प्रशासन की सलाह: न घबराएं, रहें सतर्क

राहत की बात यह रही कि अभी तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के बड़े नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। राज्य प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और भूकंप के दौरान लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का प्रयोग करें। पुरानी और जर्जर इमारतों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।