Bareilly-Pilibhit-Sitarganj Highway : निर्माण की रफ्तार अब होगी तेज, जून तक पूरा होने की उम्मीद

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India News Live,Digital Desk : रुहेलखंड के मुख्यालय से पीलीभीत होते हुए उत्तराखंड के सितारगंज तक आने-जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। बरेली-सितारगंज हाईवे का निर्माण अब तेज गति से चल रहा है। बरेली-पीलीभीत पैकेज में जो तीन जगह अवरोध खड़े थे, उन्हें प्रशासन ने हल कर दिया है।

एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारी महीनों से राजस्व विभाग से लगातार पत्राचार कर रहे थे। अब बाईपास के लिए चुनी गई भूमि पर कब्जा मिल जाने के बाद निर्माण कार्यों की गति काफी बढ़ गई है। अधिकारियों का दावा है कि अगले साल बरसात के मौसम से पहले यह हिस्सा पूरा हो जाएगा।

बरेली-पीलीभीत पैकेज: तीन बाईपास का काम पूरा

बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे को दो पैकेज में बांटा गया है।

पहले पैकेज में बरेली से पीलीभीत तक लगभग 40% काम पूरा हो चुका है।

32.50 किमी क्षेत्र में तीन बाईपास बनाए जा रहे हैं: रिठौरा, नवाबंज-हाफिजगंज और जहानाबाद।

बरकापुर (300 मीटर), लाड़पुर उस्मानपुर (500 मीटर), और फरीदपुर गंगा/नवादा (300 मीटर) भूमि पर पहले कब्जा नहीं मिल पा रहा था।

भूमि का मुआवजा वितरण किया गया था, लेकिन अतिक्रमण की वजह से निर्माण में बाधा आई थी। अब प्रशासन ने अतिक्रमण हटवाकर भूमि पर कब्जा दिला दिया है।

एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर अश्वनी चौहान का कहना है कि बरसात और भूमि पर कब्जा न मिलने की वजह से गति धीमी थी, लेकिन अब निर्माण तेज हो गया है। उनका अनुमान है कि जून तक यह कार्य पूरा हो जाएगा।

पीलीभीत-सितारगंज पैकेज में धीमी गति

दूसरे पैकेज की लंबाई 38 किमी है। भूमि अधिग्रहण के बाद कब्जा मिल गया, लेकिन वन विभाग की एनओसी में देरी के कारण निर्माण शुरू होने में विलंब हुआ। अब अधिकारियों ने निर्माण की गति बढ़ा दी है।

सारांश यह है कि बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे निर्माण की गति अब तेज हो गई है। पहले पैकेज में अवरोध हट चुके हैं और गुणवत्ता की निरंतर जांच हो रही है। बरसात से पहले बरेली-पीलीभीत का काम पूरा होने की संभावना है। वहीं, पीलीभीत-सितारगंज पैकेज का काम थोड़ा समय ले सकता है।

— नवरत्न, परियोजना निदेशक, एनएचएआई