Away from glamour, in with tradition: रकुल, पंकज और ईशा की 'देसी' होली, पुराने कपड़ों से लेकर फगुआ गीतों तक का तड़का

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India News Live,Digital Desk : चकाचौंध और चमक-दमक भरी फिल्मी दुनिया के सितारे भी जब होली के रंग में रंगते हैं, तो वे अपनी जड़ों की ओर लौटना पसंद करते हैं। रकुल प्रीत सिंह, पंकज त्रिपाठी और ईशा कोप्पिकर जैसे कलाकारों के लिए होली केवल फोटोशूट का मौका नहीं, बल्कि परिवार, पुरानी यादों और सादगी का उत्सव है। इस साल ये सितारे दिखावे के 'सफेद कपड़ों' के दबाव से दूर रहकर अपने-अपने अंदाज में रंगों का त्योहार मना रहे हैं।

रकुल प्रीत सिंह: पुराने कपड़े और गुझिया का प्यार

अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह का मानना है कि लाल रंग के बिना होली का असली मजा अधूरा है। रकुल इस साल मुंबई में ही शूटिंग से ब्रेक लेकर परिवार और दोस्तों के साथ होली मनाएंगी। वह कहती हैं, "पूजा के समय तो मैं नए कपड़े पहनती हूं, लेकिन जैसे ही रंग खेलने की बारी आती है, मैं अपने पुराने कपड़े निकाल लेती हूं ताकि रंगों की फिक्र न रहे।" रकुल के लिए होली का सबसे बड़ा 'रेड फ्लैग' पानी की बर्बादी है। वे अब सूखी और इको-फ्रेंडली होली खेलना पसंद करती हैं और जैकी भगनानी के साथ घर पर बनी गुझिया का आनंद लेती हैं।

पंकज त्रिपाठी: टेसू के रंग और गांव का 'फगुआ'

'मिर्जापुर' फेम पंकज त्रिपाठी अपनी होली को सस्टेनेबल और ऑर्गेनिक रखना पसंद करते हैं। वे इस साल अलिबाग स्थित अपने हॉलीडे होम में पत्नी मृदुला के साथ होली मनाएंगे। पंकज को बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि उन्हें आज भी टेसू के फूलों से बना प्राकृतिक रंग और गांव के 'फगुआ' गीत बहुत याद आते हैं। वे कहते हैं, "मुझ पर कभी भी स्टार होने के नाते सफेद या नए कपड़े पहनने का दबाव नहीं रहा। मैं तो कपड़े तब तक पहनता हूं जब तक वे जवाब न दे दें।" वे प्लास्टिक के गुब्बारों और दिखावटी पार्टियों से दूर रहना ही पसंद करते हैं।

ईशा कोप्पिकर: सफेद पहनावा और पारंपरिक रस्में

वहीं, ईशा कोप्पिकर के लिए होली का मतलब परिवार के साथ घूमना और खास रीति-रिवाजों का पालन करना है। ईशा बताती हैं कि उनके घर में होलिका दहन की सुबह गुड़ और घी खाने की परंपरा है। ईशा को सफेद कपड़े पहनना पसंद है क्योंकि उन पर रंग निखरकर आते हैं। हालांकि, वे 'इंटरनेट मीडिया' के दौर में पोस्ट डालने के दबाव को महसूस करती हैं, लेकिन उनके लिए सुरक्षा सबसे ऊपर है। हानिकारक रंगों से होने वाली एलर्जी और गुब्बारों से लगने वाली चोट को वे होली की सबसे बुरी बात मानती हैं।

सितारों का संदेश: सादगी और सुरक्षा ही असली रंग

इन सितारों की होली हमें सिखाती है कि त्योहार का असली आनंद महंगे कपड़ों या बड़ी पार्टियों में नहीं, बल्कि अपने अपनों के साथ सुरक्षित तरीके से वक्त बिताने में है। चाहे वह पंकज त्रिपाठी का सस्टेनेबल लिविंग पर भरोसा हो या रकुल का पानी बचाने का संकल्प, बॉलीवुड के ये दिग्गज परंपरा और आधुनिकता के बीच एक बेहतरीन संतुलन बना रहे हैं।