हाई कोर्ट में खुद मोर्चा संभालेंगे अरविंद केजरीवाल, CBI की याचिका पर सुनवाई के दौरान दे सकते हैं अपनी दलीलें

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India News Live,Digital Desk : दिल्ली के कथित आबकारी नीति घोटाले (Excise Policy Case) में आज राजधानी की सियासत और कानूनी गलियारों में हलचल तेज है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज दिल्ली हाई कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हो रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि वह इस मामले में किसी वकील के बजाय खुद अपनी दलीलें अदालत के सामने पेश करेंगे। केजरीवाल अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ हाई कोर्ट पहुंच चुके हैं, जिससे इस सुनवाई की गंभीरता और बढ़ गई है।

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच से 'रिक्यूजल' का कर सकते हैं अनुरोध

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह जानकारी सामने आई है कि अरविंद केजरीवाल जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच के सामने पेश होकर उनसे इस केस से खुद को अलग करने (Recusal) का अनुरोध कर सकते हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि केजरीवाल इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सीधे अदालत के समक्ष रखना चाहते हैं। इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी एक मामले में कोर्ट के भीतर खुद दलीलें पेश कर मिसाल कायम कर चुकी हैं, अब केजरीवाल भी उसी राह पर चलते दिख रहे हैं।

CBI की चुनौती: बरी किए जाने के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंची एजेंसी

दरअसल, आज की यह सुनवाई सीबीआई (CBI) की उस याचिका पर आधारित है, जिसमें जांच एजेंसी ने एक्साइज पॉलिसी मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। सीबीआई का तर्क है कि निचली अदालत के फैसले में कुछ कानूनी पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है, जिसके आधार पर वे इस मामले को फिर से खोलना चाहते हैं। वहीं, केजरीवाल पक्ष का मानना है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं।

पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ पहुंचे अदालत

सोमवार दोपहर जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली हाई कोर्ट परिसर पहुंचे, तो उनके साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल भी मौजूद रहीं। कोर्ट रूम के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और मीडिया की भारी भीड़ जमा है। आज की सुनवाई का नतीजा न केवल केजरीवाल के राजनीतिक भविष्य के लिए अहम होगा, बल्कि दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े अन्य आरोपियों की किस्मत भी इसी सुनवाई की दिशा पर निर्भर करेगी।