कांग्रेस से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने बनाई नई पार्टी, 'गोल्डन पंजाब' का लिया संकल्प

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India News Live,Digital Desk : पंजाब की राजनीति में एक बार फिर 'सिद्धू फैक्टर' ने हलचल मचा दी है। पूर्व क्रिकेटर और दिग्गज नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई राजनीतिक पारी का आगाज कर दिया है। कांग्रेस से कड़वाहट भरे अलगाव के बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी के नाम का ऐलान कर दिया है। सोमवार को सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने इस बड़े फैसले की जानकारी साझा की, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

क्या है नई पार्टी का नाम और उद्देश्य?

नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई पार्टी का नाम 'भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी' (BRP) रखा है। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक एक साल पहले किया गया यह ऐलान काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी की लॉन्चिंग के दौरान उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य पंजाब को उसके खोए हुए गौरव यानी 'स्वर्ण राज्य' (Golden State) के रूप में दोबारा स्थापित करना है। उन्होंने साफ किया कि यह सरकार पंजाब के लोगों की, लोगों के लिए और लोगों द्वारा संचालित होगी, जिसमें किसी बाहरी दखल की जगह नहीं होगी।

कांग्रेस से क्यों बिगड़ी बात? 500 करोड़ का वो विवाद

नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस से निष्कासन काफी विवादास्पद रहा। साल 2026 की शुरुआत में उन्होंने एक विस्फोटक बयान देते हुए आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये की मांग की जाती है। उनके इस दावे ने कांग्रेस के भीतर भूचाल ला दिया था। इसके बाद कांग्रेस आलाकमान ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। निष्कासन के बाद उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग और राहुल गांधी पर भी तीखे हमले किए थे।

'हायर कॉन्शियसनेस' और ईश्वरीय शक्ति का हवाला

अपनी नई पार्टी की घोषणा करते हुए डॉ. नवजोत कौर ने एक लंबा नोट साझा किया। उन्होंने लिखा कि समान सोच वाले लोगों और 'ईश्वरीय शक्ति' ने उन्हें एक साथ जोड़ा है। उन्होंने न्याय, शांति और प्रेम के माध्यम से राजनीति करने की बात कही। नवजोत कौर ने संकेत दिया कि उनकी पार्टी का संगठन न केवल पंजाब बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी विकल्प तैयार करने के लिए काम करेगा।

पंजाब में अब 'चौतरफा' मुकाबला: किसे होगा नुकसान?

भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी (BRP) की एंट्री ने पंजाब के चुनावी समीकरणों को पेचीदा बना दिया है। फिलहाल राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। वहीं, भाजपा भी राज्य में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अब सिद्धू परिवार के इस नए मोर्चे से सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस और 'आप' को होने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि नवजोत सिंह सिद्धू का पंजाब के एक वर्ग में आज भी मजबूत आधार है।