अनिल अंबानी की रिलायंस पावर जुटाएगी ₹9000 करोड़, शेयरों में हल्की गिरावट, जानिए इस शेयर की उतार-चढ़ाव भरी कहानी
India News Live,Digital Desk : अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर के शेयरों में गुरुवार को गिरावट देखी गई। बीएसई पर रिलायंस पावर के शेयरों में 1.6% की गिरावट दर्ज की गई। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी के बोर्ड ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (क्यूआईपी) और अन्य माध्यमों से 6,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, बोर्ड ने प्राइवेट प्लेसमेंट या अन्य माध्यमों से एक या एक से अधिक किस्तों में 3,000 करोड़ रुपये तक के सुरक्षित/असुरक्षित, विमोच्य, गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) जारी करने को भी मंजूरी दे दी है।
₹9000 करोड़ जुटाने की योजना
बोर्ड की मंज़ूरी से पहले, आपको बता दें कि अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर इस समय चर्चा में क्यों है। तो बता दें कि रिलायंस पावर के बोर्ड ने कंपनी को ₹9,000 करोड़ जुटाने की मंज़ूरी दे दी है। इसके तहत, ₹6,000 करोड़ इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स के ज़रिए, जबकि ₹3,000 करोड़ डिबेंचर के ज़रिए जुटाने की योजना है। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया गया है कि रिलायंस पावर यह रकम क्यूआईपी/एफपीओ और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर के ज़रिए जुटाएगी।
कंपनी योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) को इक्विटी शेयर या इक्विटी-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट जारी करके धन जुटाएगी , इसलिए यह शेयर नई ऊँचाई पर पहुँच गया।
यह एक मल्टीबैगर शेयर है, जिसने पिछले एक साल में 130 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 5 साल पहले यह शेयर अपने शिखर से 99 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक गिर गया था? जी हाँ।
साल 2008 में रिलायंस पावर के शेयर लगभग 260.78 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। 27 मार्च, 2020 को इसमें भारी गिरावट आई और शेयर की कीमत 99 प्रतिशत गिरकर 1.13 रुपये पर आ गई। फिर पिछले कुछ सालों में कंपनी धीरे-धीरे उबरी और तब से अब तक इसके शेयरों में 5616 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।
शून्य पर पहुँच गई थी नेटवर्थ
अनिल अंबानी कभी देश के सबसे अमीर लोगों में से एक और दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति थे और उनकी नेटवर्थ 1.83 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा थी। फरवरी 2020 में, उन्हें ब्रिटेन की एक अदालत ने दिवालिया घोषित कर दिया था। उनकी नेटवर्थ शून्य पर पहुँच गई थी, लेकिन धीरे-धीरे हालात सुधरते गए। कंपनी ने कई नए अनुबंध किए और कई परियोजनाओं पर काम शुरू किया, जिसका असर उसके शेयरों और अनिल अंबानी की नेटवर्थ, दोनों पर दिखाई दे रहा है। 6 जून, 2025 तक, अनिल अंबानी की कुल संपत्ति 3 अरब डॉलर होने का अनुमान है।