मेरी कार रोकने की कोशिश हुई, क्या नियम सिर्फ विपक्ष के लिए?'; दिल्ली के 'जमींदारों' को दी चेतावनी
India News Live,Digital Desk : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तपिश के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय सुरक्षा बलों पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इस्लामपुर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि केंद्रीय बलों ने उनके काफिले को रोकने और कार की तलाशी लेने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए दिल्ली की सत्ता में बैठे नेताओं को 'जमींदार' करार दिया।
'शौक से चेक करें मेरी गाड़ी, लेकिन पीएम-शाह को क्यों छोड़ा?'
रैली में दहाड़ते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि जब वह कोलकाता एयरपोर्ट की ओर जा रही थीं, तब केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) के जवान उनके वाहन के पास आए। उन्होंने कहा, "मैंने उनसे कहा कि शौक से चेक करें, मुझे कोई डर नहीं है। लेकिन मेरा सवाल यह है कि क्या तलाशी के नियम सिर्फ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के लिए हैं? प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की गाड़ियों की जांच क्यों नहीं होती?" उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली से आने वाले केंद्रीय मंत्री सुरक्षा बलों के वाहनों का उपयोग भारी मात्रा में नकदी (Cash) बंगाल लाने के लिए कर रहे हैं।
निर्मला सीतारमण और चुनाव आयोग पर बरसीं ममता
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से ऐन पहले केंद्र सरकार द्वारा विशेष कार्ड बांटे जा रहे हैं ताकि मतदाताओं को लुभाया जा सके। ममता ने चुनाव आयोग (ECI) से मांग की कि वे वित्त मंत्री और भाजपा नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें जो सत्ता का दुरुपयोग कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे लोग भी बंगाल का अपमान करने में पीछे नहीं हैं।
दिल्ली के 'जमींदारों' को वोट से मिलेगा जवाब
बंगाली नववर्ष (पॉइला बैशाख) की शुभकामनाओं के बीच ममता बनर्जी ने भाजपा पर एजेंसी के दुरुपयोग और वोटर लिस्ट से नाम कटवाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने मतदाताओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि दिल्ली के 'जमींदार' बंगाल के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे अपने वोट की ताकत से इन ताकतों को करारा जवाब दें।
चुनाव आयोग ने दी सफाई: 'हमें कोई जानकारी नहीं'
मुख्यमंत्री के दावों पर बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने अनभिज्ञता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास किसी VVIP वाहन की तलाशी की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बल स्वतंत्र रूप से किसी VVIP को नहीं रोकते, वे केवल मजिस्ट्रेट या संबंधित अधिकारियों की सहायता करते हैं। टीएमसी ने इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार के वाहनों की चयनात्मक तलाशी (Selective Searching) की शिकायत भी दर्ज कराई है।