मिशन 2029: 'नारी शक्ति' से बदलेगा दिल्ली का रास्ता; 6 राज्यों की 418 सीटें बनेंगी किंगमेकर, जानें नया चुनावी गणित

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India News Live,Digital Desk : देश की राजनीति में साल 2029 एक ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। महिला आरक्षण विधेयक और इसके साथ जुड़े परिसीमन (Delimitation) के प्रस्तावों ने लोकसभा चुनाव की पूरी बिसात बदल दी है। नए फॉर्मूले के तहत संसद में न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि सदन की कुल क्षमता में भी भारी इजाफा होने वाला है। इस नए चुनावी गणित में देश के 6 सबसे बड़े राज्य इतने शक्तिशाली हो जाएंगे कि वे अकेले ही '400 पार' का आंकड़ा तय करने की कुवत रखेंगे।

543 से 816: लोकसभा में सीटों का 'महा-विस्तार'

मौजूदा व्यवस्था के तहत लोकसभा में 543 सांसद चुनकर आते हैं, लेकिन 2029 के चुनाव से यह संख्या बढ़कर 816 होने जा रही है। सरकार की योजना के मुताबिक, हर राज्य में सीटों की संख्या में लगभग 50 फीसदी का इजाफा किया जाएगा। हालांकि, सीटों के बढ़ने के बावजूद राज्यों के बीच शक्ति का संतुलन (Representation Ratio) वैसा ही रहेगा जैसा वर्तमान में है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी राज्य का संसद में प्रतिशत प्रतिनिधित्व कम न हो।

इन 6 राज्यों में होगा सीटों का 'दंगल', बनेगा जीत का नया रिकॉर्ड

नए परिसीमन के बाद उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे राज्य और भी प्रभावशाली हो जाएंगे। इन राज्यों की बढ़ी हुई सीटों का आंकड़ा ही 400 के पार (कुल 418 सीटें) जा रहा है:

राज्यवर्तमान सीटेंप्रस्तावित सीटें (50% बढ़ोतरी)महिला सीटें (33%)
उत्तर प्रदेश8012040
महाराष्ट्र487224
पश्चिम बंगाल426321
बिहार406020
तमिलनाडु395920
मध्य प्रदेश294415

दक्षिण भारत का डर हुआ दूर: अमित शाह का बड़ा बयान

परिसीमन को लेकर दक्षिण भारतीय राज्यों में प्रतिनिधित्व कम होने की जो चिंता थी, उस पर गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 50% वृद्धि मॉडल से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा। उदाहरण के तौर पर, कर्नाटक की सीटें 28 से बढ़कर 42, आंध्र प्रदेश की 25 से 38 और केरल की सीटें 20 से बढ़कर 30 हो जाएंगी। दक्षिण भारत की कुल हिस्सेदारी संसद में लगभग 24% पर बरकरार रहेगी।

कैसे काम करेगा महिला आरक्षण का 'रोटेशन' फॉर्मूला?

जैसे ही यह कानून लागू होगा, हर राज्य की एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अब 40 महिला सांसद सदन पहुंचेंगी। यह आरक्षण 'रोटेशन' के आधार पर लागू होगा, यानी हर चुनाव में आरक्षित सीटें बदलती रहेंगी ताकि सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिल सके। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की महिलाओं को उनके अपने आरक्षित कोटे के भीतर ही 33 फीसदी की हिस्सेदारी मिलेगी।