मिडिल ईस्ट के आसमान में गरजा अमेरिका का 'खतरनाक' शिकारी, बी-1बी लांसर बॉम्बर का वीडियो जारी; क्या शुरू हो गया 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी'..
India News Live,Digital Desk : मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी तनाव और युद्ध की आहट के बीच अमेरिकी सेना ने अपनी विध्वंसक ताकत का प्रदर्शन कर दुनिया को चौंका दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो जारी किया है, जिसमें अमेरिका के सबसे घातक बी-1बी लांसर बॉम्बर (B-1B Lancer Bomber) आसमान का सीना चीरते हुए उड़ान भरते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आते ही वैश्विक रक्षा गलियारों में हलचल मच गई है, क्योंकि इन लड़ाकू विमानों की तैनाती 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) के तहत की गई है।
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी': ईरान और दुश्मनों को सीधी चुनौती
अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के जरिए अमेरिका अपने प्रतिद्वंद्वियों, खासकर ईरान को एक स्पष्ट और कड़ा संदेश देना चाहता है। बी-1बी लांसर बॉम्बर की खासियत यह है कि यह भारी मात्रा में पारंपरिक हथियारों और मिसाइलों के साथ दुश्मन के इलाके में घुसकर तबाही मचाने में सक्षम है। सेंट्रल कमांड द्वारा जारी फुटेज में इन बॉम्बर्स को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों के ऊपर उड़ान भरते दिखाया गया है, जो इस बात का संकेत है कि अमेरिकी सेना किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह 'कॉम्बैट मोड' में आ चुकी है।
क्यों खास है बी-1बी लांसर बॉम्बर?
बी-1बी लांसर बॉम्बर को अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ माना जाता है। यह न केवल सुपरसोनिक गति से उड़ान भर सकता है, बल्कि रडार की नजरों से बचकर बेहद कम ऊंचाई पर भी हमला करने की क्षमता रखता है। मिडिल ईस्ट में इसकी सक्रियता का सीधा मतलब है कि अमेरिका अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह जमीन पर भी अपनी सैन्य पकड़ मजबूत कर रहा है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत इन बॉम्बर्स की उड़ान ने खाड़ी क्षेत्र के देशों में सुरक्षा समीकरणों को बदल दिया है।
युद्ध के मुहाने पर खड़ा मिडिल ईस्ट
ईरान और इजरायल के बीच जारी तनातनी और होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते संकट के बीच इन बॉम्बर्स का दिखना किसी बड़े सैन्य एक्शन की आहट माना जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो अमेरिका ने अपनी स्ट्राइक कैपेबिलिटी को बढ़ाने के लिए इन बॉम्बर्स को गुप्त ठिकानों से ऑपरेट करना शुरू कर दिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का अगला चरण क्या होगा और क्या ये घातक विमान किसी वास्तविक सैन्य हमले की ओर बढ़ रहे हैं।