अमेरिकी पायलट का खुलासा, जिसे राफेल समझकर मार गिराने का जश्न मना रहा था पाकिस्तान, वह तो निकला भारत का 'कचरा'

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India News Live,Digital Desk : पिछले साल सीमा पार आतंकवाद के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के लिए भारतीय वायु सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' की हकीकत अब पूरी दुनिया के सामने आ गई है। पाकिस्तान ने जिस राफेल विमान को गिराने का ढिंढोरा पीटकर अपनी जनता के बीच झूठी वाहवाही लूटी थी, उसकी असलियत एक पूर्व अमेरिकी फाइटर पायलट ने खोलकर रख दी है। अमेरिकी पायलट रयान बोडेनहाइमर के शोध ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय जांबाजों ने न केवल पाकिस्तान की सीमा में घुसकर तबाही मचाई, बल्कि अपनी चतुराई से पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) को ऐसा बेवकूफ बनाया कि वे एक खाली ईंधन टैंक को ही लड़ाकू विमान समझ बैठे।

कैसे भारत ने 'डेकोय तकनीक' से बुना पाकिस्तान की हार का जाल?

अमेरिका के पूर्व F-15E फाइटर पायलट रयान बोडेनहाइमर ने एक इंटरव्यू में बताया कि भारतीय वायु सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 'डेकोय टेक्नोलॉजी' का बेहद सटीक और स्मार्ट इस्तेमाल किया था। डेकोय तकनीक का मतलब दुश्मन के रडार और मिसाइल सिस्टम को भ्रमित करना होता है। रयान के मुताबिक, भारतीय पायलटों ने पाकिस्तानी वायु सीमा में घुसते ही एक सोची-समझी रणनीति के तहत काम किया। जब पाकिस्तानी डिफेंस सिस्टम ने प्रतिक्रिया दी, तो भारतीय विमानों ने अपनी स्थिति और दिशा को लेकर ऐसा भ्रम पैदा किया कि पाकिस्तानी रडार ऑपरेटर समझ ही नहीं पाए कि असली हमला कहां से हो रहा है।

पाकिस्तान का 'महाझूठ': फाइटर जेट नहीं, सिर्फ एक 'ड्रॉप टैंक' गिराया था

ऑपरेशन के बाद पाकिस्तानी सेना और तत्कालीन प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने दावा किया था कि उन्होंने भारतीय राफेल को मार गिराया है। रयान ने जब इस घटना से जुड़ी तस्वीरों और मलबे का बारीकी से अध्ययन किया, तो सच्चाई कुछ और ही निकली। उन्होंने खुलासा किया कि जिसे पाकिस्तान अपना शिकार बता रहा है, वह दरअसल विमान से अलग किया गया एक 'ड्रॉप टैंक' (ईंधन टैंक) था। युद्ध की स्थिति में जब ईंधन खत्म हो जाता है या विमान को हल्का और तेज बनाना होता है, तो पायलट इन टैंकों को गिरा देते हैं। पाकिस्तान ने इसी 'कबाड़' को राफेल समझकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी किरकिरी करा ली।

राफेल की ताकत के आगे बेबस दिखा पाकिस्तान का डिफेंस सिस्टम

फ्रांसीसी लड़ाकू विमान राफेल की अचूक क्षमता का जिक्र करते हुए रयान ने कहा कि राफेल को मार गिराना इतना आसान नहीं है, जितना पाकिस्तान दावा कर रहा था। उनके शोध के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक भी भारतीय राफेल को खरोंच तक नहीं आई। भारत ने इस अत्याधुनिक तकनीक और अपने पायलटों के कौशल के दम पर पूरे मिशन को बिना किसी नुकसान के सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आज भी पाकिस्तान इसी मुगालते में जी रहा है कि उसने भारत को नुकसान पहुँचाया, जबकि हकीकत में उसने सिर्फ आसमान से गिरते खाली डिब्बों पर अपनी मिसाइलें बर्बाद कीं।

शाहबाज सरकार के दावों की उड़ रही खिल्ली, दुनिया में हुई जग हंसाई

इस खुलासे के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और वहां के सैन्य अधिकारियों के बयानों की पूरी दुनिया में हंसी उड़ रही है। रयान के शोध ने स्पष्ट कर दिया है कि अपनी साख बचाने के लिए पाकिस्तान ने झूठ का सहारा लिया था। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की इस 'डेकोय तकनीक' ने भविष्य के हवाई युद्ध के लिए एक नया उदाहरण पेश किया है। जहाँ एक तरफ भारत ने अपनी सामरिक शक्ति का लोहा मनवाया, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की तकनीक और दावों की पोल एक बार फिर वैश्विक मंच पर खुल गई है।