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August 08 2026 10:36 am

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारत-पाक नौसेना 'आमने-सामने': युद्ध क्षेत्र में दुश्मनों के बीच दिखी गजब की 'अंडरस्टैंडिंग', जानें क्या है पूरा माजरा?

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण तनाव के बीच ओमान के तट पर एक ऐसी दुर्लभ तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। समुद्र में एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन माने जाने वाले भारत और पाकिस्तान की नौसेना के युद्धपोत महज 18 समुद्री मील (Nautical Miles) की दूरी पर एक साथ तैनात दिखे। यह नजारा उस वक्त दिखा जब दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंध हैं, लेकिन वैश्विक युद्ध की स्थिति ने उन्हें एक ही जलक्षेत्र में लाकर खड़ा कर दिया है।

क्यों पास आए भारत और पाकिस्तान के युद्धपोत?

इंटेल लैब के ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) विश्लेषक डेमियन साइमन ने सैटेलाइट डेटा के आधार पर इस घटना की जानकारी साझा की है।

मिशन सुरक्षा: दरअसल, ईरान-अमेरिका जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों पर हमले का खतरा बना हुआ है।

व्यापारिक जहाजों को 'एस्कॉर्ट' करना: भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देश अपने-अपने तेल (Crude Oil) और गैस (LNG/LPG) के टैंकरों को सुरक्षित रास्ता दिखाने के लिए नौसेना का इस्तेमाल कर रहे हैं।

दुर्लभ नजारा: सुरक्षा के इसी प्रयास में ओमान के तट के पास दोनों नौसेनाओं के जहाज एक-दूसरे के इतने करीब आ गए, जो सामान्य परिस्थितियों में कभी देखने को नहीं मिलता।

भारतीय नौसेना की 'ऑपरेशनल' मुस्तैदी

भारतीय नौसेना ने पश्चिम एशिया से भारत आ रहे जहाजों की सुरक्षा के लिए अपनी तैनाती बढ़ा दी है। भारतीय युद्धपोत न केवल टैंकरों को रास्ता दिखा रहे हैं, बल्कि उन्हें सुरक्षा कवर (Covert Protection) भी प्रदान कर रहे हैं।

अटके हुए जहाज: रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत के 10 से ज्यादा जहाज फिलहाल होर्मुज के संकरे जलमार्ग पर फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालना नौसेना की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

ऊर्जा सुरक्षा: भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है, इसलिए भारतीय नौसेना फारस की खाड़ी से लेकर अरब सागर तक मोर्चा संभाले हुए है।

ट्रंप-ईरान शांति वार्ता: क्या सुलझेगा मामला?

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने की उम्मीदें तो जगी हैं, लेकिन 'परमाणु प्रोग्राम' अब भी सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

ईरान का प्रस्ताव: तेहरान ने अमेरिका को ऑफर दिया है कि वह ओमान की ओर से आने वाले जहाजों को बिना किसी हमले के गुजरने देगा, बशर्ते अमेरिका आर्थिक प्रतिबंधों में बड़ी ढील दे।

ट्रंप की शर्त: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने के कदम पीछे खींचने होंगे।

इस्लामाबाद में समझौता? ट्रंप ने एक चौंकाने वाला संकेत दिया है कि यदि शांति समझौता होता है, तो वह उस पर हस्ताक्षर करने के लिए खुद पाकिस्तान (इस्लामाबाद) जा सकते हैं।

होर्मुज पर नियंत्रण की जंग

एक तरफ अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है, वहीं दूसरी ओर ईरान अब भी दावा कर रहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की चाबी उसी के पास है। इसी कूटनीतिक और सैन्य खींचतान के बीच भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं का एक-दूसरे के करीब होना यह दर्शाता है कि अपनी 'ऊर्जा सुरक्षा' और 'व्यापारिक हितों' की रक्षा के लिए दोनों देश कितने सतर्क हैं।