पाकिस्तान पर आरोपों ने यूएन में बढ़ाया शर्मिंदगी का पल
- by Priyanka Tiwari
- 2025-09-13 03:04:00
India News Live,Digital Desk : पाकिस्तान को एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र में शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। यूएन वॉच के एक प्रतिनिधि ने कतर को आतंकवाद-प्रवर्तक देश कहने से रोकने की कोशिश की, लेकिन यह पाकिस्तानी प्रतिनिधि के लिए भारी साबित हुआ।
यूएन वॉच के प्रतिनिधि हिलेल नूर को अपना भाषण सिर्फ़ चार सेकंड में समाप्त करना था। उन्होंने सीधे कहा, “अध्यक्ष महोदय, पाकिस्तान भी आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला देश है।”
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बहस कतर पर हमास नेताओं को निशाना बनाने वाले इज़राइली हमलों की निंदा करने वाले प्रस्ताव पर हो रही थी। हिलेल नूर ने अपने विचार रखते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार कतर में आतंकवादियों को पनाह दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कतर में हमास का एक राजनीतिक कार्यालय है, जिसे अमेरिका ने 2012 में आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
नूर ने संयुक्त राष्ट्र को यह भी याद दिलाया कि जब 2011 में अमेरिका ने अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में निशाना बनाया था, तब पाकिस्तान ने उसकी प्रशंसा की और कहा – “अब न्याय हुआ है।”
जैसे ही पाकिस्तान का ज़िक्र आया, पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने नूर को बीच में ही रोकते हुए कहा कि यूएनएचआरसी अध्यक्ष को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी वक्ता संयुक्त राष्ट्र चार्टर और किसी संप्रभु देश की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन न करे। उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान पर लगे आरोपों को खारिज करते हैं।” लेकिन नूर के अंतिम शब्द सुनकर प्रतिनिधि शर्मिंदा हुए बिना नहीं रह सके।
यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेइज्जती झेल रहा है। 2020 में फ्रांस में एक इस्लामी आतंकवादी ने एक फ्रांसीसी शिक्षक का सिर कलम कर दिया था। इसके जवाब में पाकिस्तान सरकार ने ट्वीट किया था कि अभिव्यक्ति की आज़ादी की आड़ में निंदा बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। इस पर जिनेवा स्थित यूएन वॉच ने प्रतिक्रिया दी थी कि “संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में आपकी उपस्थिति पर सवाल उठता है।”