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October 02 2026 09:52 pm

'गिनती पूरी होते ही उतार देंगे तीसरा कैंडिडेट': राज्यसभा चुनाव पर अखिलेश यादव का बड़ा सियासी दांव

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उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी द्वारा प्रो. रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी का नामांकन दाखिल कराए जाने के बाद अब सबकी निगाहें सपा के तीसरे उम्मीदवार पर टिक गई हैं। लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीसरे कैंडिडेट को लेकर उठ रहे सस्पेंस पर खुलकर बात की। अखिलेश ने स्पष्ट कहा कि संख्या बल की गिनती पूरी होते ही समाजवादी पार्टी अपना तीसरा उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में उतार देगी। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पूर्व में पार्टी से छिटके कई बागी विधायक अब दोबारा सपा में वापसी के लिए लगातार संपर्क में हैं।

'गिनती पूरी होते ही होगा ऐलान, वोट जोड़ना लंबी कवायद': अखिलेश यादव

प्रेस वार्ता में जब पत्रकारों ने सपा मुखिया से तीसरे उम्मीदवार के नाम और घोषणा के समय को लेकर सवाल किया, तो अखिलेश यादव ने रणनीतिक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संख्या बल का गणित बेहद अहम होता है और जिसके पास ज्यादा संख्या हो, उसे ही मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "जैसे ही जरूरी वोटों की गिनती पूरी हो जाएगी, तीसरे प्रत्याशी का नाम भी सामने रख दिया जाएगा। विधायकों को साथ लाना और वोट जोड़ना एक लंबी राजनीतिक एक्सरसाइज होती है। कई ऐसे विधायक और नेता जो किसी कारणवश पहले चले गए थे, वे अब वापस लौटना चाहते हैं। भाजपा को हराने के लिए जो भी साथ आना चाहेगा, उसका समाजवादी पार्टी में पूरा स्वागत है।"

पिछली बार की 'बेईमानी' का किया जिक्र, बीजेपी पर साधा सीधा निशाना

अखिलेश यादव ने पिछले राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि पिछली बार भाजपा ने जोड़-तोड़ और बेईमानी न की होती, तो सपा के तीनों उम्मीदवार आसानी से जीतकर संसद पहुंचते। भाजपा के 9 या 10 उम्मीदवार उतारने की चर्चाओं पर चुटकी लेते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि अगर भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल है, तो वह 10 के 10 उम्मीदवार उतार दे। उन्होंने दावा किया कि इस बार यदि भाजपा माइक्रोस्कोप लगाकर भी मैनेजमेंट करने की कोशिश करेगी, तब भी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और युवाओं की एकजुटता के सामने टिक नहीं पाएगी।

नथवानी की उम्मीदवारी पर दिया जवाब: 'उद्योग बढ़ने से ही आएगी आर्थिक समानता'

उद्योगपति धनराज नथवानी को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का भी अखिलेश यादव ने तार्किक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि समाजवाद को समझने के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का अध्ययन जरूरी है। लोहिया जी ने हमेशा आर्थिक संपन्नता और सामाजिक समानता की बात की थी। कोई भी राज्य बिना बड़े उद्योगों और पूंजी निवेश के युवाओं को रोजगार नहीं दे सकता। धनराज नथवानी एक नई सोच और नई पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं। उनके जुड़ने से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

सस्पेंस के बीच कौन हो सकता है तीसरा चेहरा?

सपा ने राज्यसभा नामांकन के लिए कुल चार सेट पर्चे खरीदे थे, जिससे यह तय माना जा रहा है कि पार्टी एक और सीट पर जोर आजमाइश करने के मूड में है। राजनीतिक गलियारों में तीसरे चेहरे को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। जहां एक तरफ पीडीए फॉर्मूले को संतुलित करने के लिए किसी वरिष्ठ मुस्लिम या पिछड़े वर्ग के नेता को उतारने की चर्चा जोरों पर है, वहीं दूसरी ओर पूर्व नौकरशाह या किसी चौंकाने वाले गैर-राजनीतिक नाम पर भी मंथन चल रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि वोटों का आंतरिक गणित सेट होने के बाद अखिलेश यादव अपने तरकश से कौन सा तीर निकालते हैं।