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October 02 2026 09:46 pm

'एक कचौड़ी, दो समोसा... BJP पर नहीं भरोसा': Gen-Z के ट्रेंडिंग अंदाज में अखिलेश यादव ने कसा तंज

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों के तीर अब सोशल मीडिया और नई पीढ़ी (Gen-Z) के लोकप्रिय नारों की भाषा में चलने लगे हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलने के लिए युवाओं के बीच ट्रेंड कर रहे स्लोगन का सहारा लिया है। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने चुटीले अंदाज में कहा, "एक कचौड़ी, दो समोसा... BJP पर नहीं भरोसा!" युवाओं और Gen-Z के मिजाज को अपनी राजनीति से जोड़ते हुए सपा प्रमुख ने दावा किया कि आने वाले समय में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और Gen-Z मिलकर भाजपा का चुनावी परिदृश्य से पत्ता साफ कर देंगे।

दिल्ली के नारों का दिया हवाला, युवाओं को अपने पाले में लाने की रणनीति

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने बताया कि उन्होंने यह नारा देश की राजधानी में युवाओं के विरोध प्रदर्शनों और सोशल मीडिया पर सुना था। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि पहले लोग एक कचौड़ी और एक समोसा कह रहे थे, लेकिन अब यह नारा बढ़कर 'एक कचौड़ी, दो समोसा... बीजेपी पर नहीं भरोसा' हो चुका है।

सपा प्रमुख ने कहा कि देश और प्रदेश का युवा आज बेरोजगारी, पेपर लीक और खोखले वादों से पूरी तरह त्रस्त आ चुका है। सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। अखिलेश ने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी अब पारंपरिक राजनीतिक नारों से आगे निकलकर अपनी भाषा में व्यवस्था के खिलाफ गुस्सा जाहिर कर रही है, और यह ट्रेंड साफ बताता है कि युवा मतदाता अब मौजूदा सत्ता से पूरी तरह ऊब चुका है।

पीएम मोदी के 'Gen-Z सम्मेलन' और भजन जैमिंग पर भी साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा द्वारा युवाओं को साधने के लिए किए जा रहे कार्यक्रमों पर भी अखिलेश यादव ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि भजन जैमिंग की बात पहले समाजवादी पार्टी ने छेड़ी थी, जिसे सुनकर दूसरों ने आयोजित करना शुरू कर दिया।

अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी जल्द ही नौजवानों और Gen-Z के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। पार्टी के आगामी चुनावी घोषणा पत्र (मैनिफेस्टो) में नई पीढ़ी की तकनीकी प्राथमिकताओं, स्टार्टअप्स, आधुनिक रोजगार और शिक्षा से जुड़े अहम वादे शामिल किए जाएंगे। उनका कहना था कि Gen-Z किसी के बहकावे में आने वाली नहीं है, क्योंकि उसके पास डिजिटल शक्ति और सच को परखने की समझ है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के ई-रिक्शा वाले बयान पर पलटवार

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा रोजगार और ई-रिक्शा को लेकर दिए गए हालिया बयान पर भी अखिलेश यादव ने करारा जवाब दिया।

अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि डिप्टी सीएम को खुद अपने लिए ई-रिक्शा बुक कर लेना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिन मंत्री के जिम्मे पूरे प्रदेश के अस्पतालों को ठीक रखने का जिम्मा है, उन्होंने तो अस्पतालों को ही बीमार बना दिया है। आज सरकारी अस्पतालों को खुद इलाज की जरूरत है। सपा प्रमुख ने कहा कि जब सत्ता में बैठे लोग युवाओं को रोजगार देने के बजाय इस तरह के हास्यास्पद तर्क देते हैं, तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट जाता है।

राज्यसभा चुनाव और बागी विधायकों की वापसी पर दोहराया दावा

प्रेस वार्ता में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर भी अखिलेश यादव ने अपने पत्ते खोले। उन्होंने कहा कि सपा की रणनीति बिल्कुल स्पष्ट है; जैसे ही संख्या बल और वोटों की आंतरिक गिनती मुकम्मल हो जाएगी, तीसरा उम्मीदवार भी मैदान में होगा।

सपा मुखिया ने फिर दोहराया कि जो भी दल या विधायक भाजपा को हराना चाहते हैं, उनका समाजवादी पार्टी में स्वागत है। कई विधायक जो पूर्व में दूर चले गए थे, वे अब संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि आपातकाल जैसे माहौल में जब भी पीडीए पर अत्याचार बढ़ेगा, जनता सड़कों पर उतरेगी और लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा को सत्ता से बेदखल कर देगी।