BREAKING:
July 09 2026 12:14 am

शेयर बाजार में एआई का दौर खत्म? गोल्डमैन सैक्स ने लॉन्च की 'HALO Stocks' की जादुई थीम

Post

पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान यदि वैश्विक और भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में किसी एक ट्रेंड ने निवेशकों को सबसे ज्यादा अमीर बनाया है, तो वह निश्चित रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है। एआई के नाम पर दुनिया भर की टेक और सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में ऐसी तूफानी तेजी आई कि कई कंपनियों के वैल्यूएशन ने इतिहास के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। हर छोटे-बड़े निवेशक को लगने लगा था कि भविष्य का बाजार सिर्फ और सिर्फ कोडिंग, एआई और चिप्स के दम पर ही चलेगा। लेकिन अब वॉल स्ट्रीट के सबसे बड़े और दिग्गज निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने एक बेहद चौंकाने वाली और क्रांतिकारी रिपोर्ट जारी कर बाजार को हिला दिया है। गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि सिर्फ एआई कंपनियों के भरोसे अंधाधुंध दांव लगाने का दौर अब समाप्त हो चुका है। बैंक ने निवेशकों के लिए "HALO Stocks" नाम की एक नई और बेहद सॉलिड निवेश थीम पेश की है, जो आने वाले समय में मोटा मुनाफा कमा कर देने का दम रखती है।

आखिर क्या है 'HALO' का पूरा गणित? गोल्डमैन सैक्स ने समझाया इसका सीक्रेट

गोल्डमैन सैक्स की यह नई थीम उन पारंपरिक और मजबूत कंपनियों की तरफ इशारा करती है, जिन्हें निवेशक पिछले कुछ समय से टेक कंपनियों की चकाचौंध में भूल चुके थे। बैंक ने 'HALO' को बेहद सरल शब्दों में परिभाषित किया है:

H - Heavy (भारी-भरकम)

A - Assets (संपत्तियां)

L - Low (कम)

O - Obsolescence (पुराना पड़ना)

अगर इस तकनीकी परिभाषा को बेहद आसान और व्यावहारिक भाषा में समझें, तो 'HALO शेयर्स' उन मजबूत कंपनियों के स्टॉक हैं जिनके पास विशालकाय प्लांट, भारी-भरकम आधुनिक मशीनें, मजबूत जमीनी इंफ्रास्ट्रक्चर और ऐसा सदाबहार कारोबार है जो दुनिया का कोई भी नया ट्रेंड आने से रातों-रात पुराना या खत्म नहीं हो जाता। ये वे कंपनियां हैं जिनकी नींव बेहद गहरी है और जो दशकों तक लगातार रेवेन्यू जेनरेट करने की क्षमता रखती हैं।

टेक के जमाने में अचानक भारी एसेट्स वाली कंपनियों पर क्यों मेहरबान हुआ बैंक?

गोल्डमैन सैक्स की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक अर्थव्यवस्था का चक्र अब तेजी से घूम रहा है। कुछ साल पहले तक माना जाता था कि बिना फैक्ट्री या कम एसेट (Asset-Light) वाली आईटी कंपनियां ही सबसे तेज ग्रोथ दिखाएंगी, लेकिन अब तीन मुख्य कारणों से पासा पूरी तरह पलट चुका है:

ऊंची ब्याज दरें (High Interest Rates): दुनिया के तमाम बड़े देशों में केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें लंबे समय से ऊंचे स्तर पर रखी गई हैं। ऐसे महंगे कर्ज के माहौल में केवल वही कंपनियां बाजार में लीडर बनकर उभरती हैं जिनकी खुद की संपत्तियां मजबूत हों और कैश फ्लो सॉलिड हो।

बदलती जियोपॉलिटिक्स और सप्लाई चेन: वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव के कारण अब दुनिया भर की मल्टीनेशनल कंपनियां केवल किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। वे अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को अलग-अलग देशों में बांट रही हैं, जिससे नई फैक्ट्रियों, भारी मशीनों और उत्पादन क्षमता का महत्व दोबारा चरम पर पहुंच गया है।

एआई (AI) भी अब 'हल्का' नहीं रहा: गोल्डमैन सैक्स ने एक बेहद कड़वा सच उजागर करते हुए बताया कि एआई की अंधी दौड़ ने टेक कंपनियों को भी 'भारी निवेश' के दलदल में धकेल दिया है। अब एडवांस एआई को रन करने के लिए विशालकाय डेटा सेंटर्स, अरबों डॉलर के महंगे सेमीकंडक्टर चिप्स, भारी मात्रा में बिजली की यूटिलिटी और हाई-एंड सर्वर्स की जरूरत पड़ रही है। यानी एआई भी अब बिना भारी पूंजी के संभव नहीं है।

इस साल का 40% नया निवेश सोखेंगे ये 4 मेगा सेक्टर्स

ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि इस साल पूरी दुनिया में होने वाले कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure / नए निवेश) का 40 फीसदी से भी ज्यादा का विशाल हिस्सा केवल चार बड़े कोर सेक्टर्स के पास जाएगा, जो वैश्विक विकास का नया इंजन बनेंगे:

डेटा सेंटर्स (Data Centers)

सेमीकंडक्टर निर्माण (Semiconductors)

यूटिलिटीज और पावर (Utilities)

डिफेंस और सुरक्षा (Defense)

गोल्डमैन सैक्स की 'HALO लिस्ट': इन 4 बड़े हिस्सों में छुपा है मुनाफे का खजाना

ब्रोकरेज ने अपनी इस खास निवेश थीम को दुनिया की बेहतरीन कंपनियों के आधार पर मुख्य रूप से चार मजबूत हिस्सों में वर्गीकृत किया है:

१. इंफ्रास्ट्रक्चर और यूटिलिटीज: आने वाले समय में ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च अभूतपूर्व रूप से बढ़ने वाला है। इसके लिए गोल्डमैन सैक्स ने वैश्विक पावर और इंफ्रा कंपनियों जैसे— Enel, E.ON, ENGIE, RWE, SNAM, Naturgy Energy Group, EDP Renewables, Orsted, Veolia Environnement, Prysmian, Nexans, VINCI, Getlink और Flughafen Zürich पर सबसे बड़ा दांव लगाया है।

२. बेसिक मटेरियल्स और एनर्जी: जब दुनिया भर में नए प्लांट और इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होगा, तो स्टील, सीमेंट, केमिकल और क्लीन एनर्जी की मांग आसमान छुएगी। इस लिस्ट में दिग्गज कमोडिटी और एनर्जी प्लेयर्स शामिल हैं, जैसे— Shell, BP, Eni, Repsol, Antofagasta, Holcim, Air Liquide और BASF।

३. एयरोस्पेस और डिफेंस: दुनिया के वर्तमान हालातों और क्षेत्रीय सुरक्षा की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए लगभग हर देश अपने रक्षा बजट को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ा रहा है। डिफेंस सेक्टर की कंपनियों के पास सालों-साल के ऑर्डर्स एडवांस में बुक हैं। इस हाई-ग्रोथ लिस्ट में बैंक ने वैश्विक रक्षा दिग्गजों— Airbus, Safran, BAE Systems, Melrose Industries, Rolls-Royce और Rheinmetall को शीर्ष स्थान दिया है।

४. एवरग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर ब्रांड्स: गोल्डमैन सैक्स ने भारी उद्योगों के साथ-साथ उन चुनिंदा ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर ब्रांड्स को भी शामिल किया है जिनके पास मजबूत प्राइसिंग पावर और वफादार ग्राहक हैं। इस सूची में लग्जरी और हेवी ऑटो जायंट्स सहित मजबूत ब्रांड्स— Volvo, BMW, Porsche, Nestle, Heineken, Lotus Bakeries, Marks & Spencer और International Consolidated Airlines Group शामिल हैं। इन कंपनियों का मार्केट शेयर बेहद सुरक्षित है, जो लंबी अवधि के पोर्टफोलियो को स्थिरता और बेहतरीन रिटर्न दोनों प्रदान करता है।