Ahmedabad plane crash : टेकऑफ के चंद सेकेंड में कैसे बुझ गईं 241 जिंदगियां? प्रारंभिक जांच में चौकाने वाले संकेत
India News Live,Digital Desk : 12 जून को अहमदाबाद में एक बड़ा विमान हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 हादसे का शिकार हो गई, जिसमें 242 में से 241 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुर्घटना की जांच लगातार जारी है और अब शुरुआती रिपोर्ट में कुछ बेहद चौंकाने वाले पहलू सामने आ सकते हैं।
बताया जा रहा है कि हादसा इतना गंभीर था कि जांच एजेंसियों को हर पहलू की गहराई से पड़ताल करनी पड़ रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, टेक-ऑफ के सिर्फ 30 सेकंड बाद ही विमान ने अचानक ऊंचाई खो दी और पास के मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की इमारत से टकरा गया। विमान में मौजूद भारी मात्रा में ईंधन के कारण भीषण धमाका हुआ और देखते ही देखते आग की लपटों ने सब कुछ अपनी चपेट में ले लिया।
चंद सेकेंड में हुआ विमान क्रैश
हादसे से कुछ समय पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसमें विमान को सामान्य रूप से उड़ान भरते देखा जा सकता है। लेकिन कुछ ही सेकेंड बाद वह तेजी से नीचे गिरता है। विशेषज्ञों के अनुसार, विमान के दोनों इंजन अचानक बंद हो गए थे — यह एक अत्यंत दुर्लभ स्थिति मानी जाती है।
पूर्व फाइटर पायलट और एअरोस्पेस विश्लेषक ब्योर्न फेर्म ने बताया कि दोनों इंजन का एकसाथ फेल हो जाना बेहद असामान्य है। उन्होंने यह भी कहा कि वायरल वीडियो में किसी तरह का धुआं नहीं दिखा, जिससे यह संभावना कम हो जाती है कि विमान को कोई पक्षी टकराया हो।
संभावित तकनीकी गड़बड़ी की जांच
जांचकर्ताओं को संदेह है कि विमान के कॉकपिट में मौजूद "फ्यूल कंट्रोल स्विच" में कोई तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है। यही स्विच पायलट इंजन को ईंधन देने या रोकने के लिए इस्तेमाल करता है। जानकारी मिली है कि उड़ान के दौरान यह स्विच बंद कर दिए गए थे। अब यह जांच की जा रही है कि ये गलती से बंद हुए या किसी और कारण से।
अगर दोनों फ्यूल स्विच एकसाथ कटऑफ मोड में आ जाएं, तो दोनों इंजन कुछ ही सेकंड में बंद हो सकते हैं — और यही इस हादसे की एक बड़ी वजह मानी जा रही है।
पायलट का अनुभव और प्रतिक्रिया भी जांच के घेरे में
इस विमान को कैप्टन सुमित भररवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर उड़ा रहे थे। कैप्टन के पास जहां 8200 घंटे का अनुभव था, वहीं सह-पायलट ने करीब 1100 घंटे की उड़ानें भरी थीं। अब जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या पायलटों से कोई मानवीय भूल हुई या कोई दबाव में लिया गया निर्णय इस हादसे की वजह बना।
इसके अलावा यह भी पुष्टि हुई है कि RAM एयर टरबाइन एक्टिवेट हुआ था, जो आपात स्थिति में काम करता है — यह इस बात का संकेत है कि विमान के दोनों इंजन बंद हो चुके थे और इतनी कम ऊंचाई पर उन्हें दोबारा चालू कर पाना लगभग असंभव था।
फ्यूल स्विच ऑफ होने का असर क्या होता है?
फ्लाइट सेफ्टी विशेषज्ञ जॉन कॉक्स के अनुसार, अगर फ्यूल स्विच को 'कटऑफ' पर कर दिया जाए, तो इंजन तुरंत बंद हो जाते हैं। अगर दोनों स्विच एकसाथ ऑफ हो जाएं, तो विमान की पूरी एनर्जी सप्लाई ठप हो सकती है — जिससे ऐसी त्रासदी टाल पाना मुश्किल हो जाता है।