BREAKING:
July 24 2026 02:26 am

11 साल बाद धोनी के 100 करोड़ के मानहानि केस में हाईकोर्ट का एक्शन, बयान दर्ज करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त

Post

India News Live,Digital Desk : पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग कांड में जोड़े जाने पर उन्होंने 2014 में दो बड़े मीडिया चैनलों और एक पत्रकार के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया था। अब 11 साल बाद इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है।

दरअसल, 2013 का आईपीएल घोटाला लीग के इतिहास का सबसे बड़ा विवाद माना जाता है, जिसमें तीन क्रिकेटरों—श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण—को दोषी पाया गया था। इस घोटाले में चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक एन श्रीनिवासन के दामाद और टीम प्रिंसिपल गुरुनाथ मयप्पन का नाम भी आया था। नतीजा यह हुआ कि चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स, दोनों टीमों को दो साल के लिए बैन झेलना पड़ा।

धोनी का आरोप था कि एक टीवी डिबेट में उनके खिलाफ झूठे और मानहानिकारक बयान दिए गए। उन्होंने कोर्ट से 100 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की थी। अब जस्टिस सीवी कार्तिकेयन ने एक एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया है, जो धोनी की ओर से सबूत दर्ज करेंगे। धोनी खुद कोर्ट में मौजूद नहीं रहेंगे ताकि भीड़भाड़ की स्थिति न बने।

वरिष्ठ अधिवक्ता पी.आर. रमन द्वारा दायर हलफनामे में धोनी ने अनुरोध किया है कि एक दशक से लंबित यह मामला जल्द निपटाया जाए, और सुनवाई निष्पक्ष व त्वरित हो। धोनी ने आश्वासन दिया है कि वह पूरी तरह जांच में सहयोग करेंगे और अदालत के सभी निर्देशों का पालन करेंगे।
गौरतलब है कि धोनी अगस्त 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन अब भी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेल रहे हैं।