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August 16 2026 12:11 am

भारत से ब्रिटेन तक फैलेगा अडानी का साम्राज्य! अडानी पोर्ट्स खरीदने जा रही ब्रिटेन के सबसे बड़े पोर्ट ऑपरेटर की बड़ी हिस्सेदारी

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गौतम अडानी (Gautam Adani) के नेतृत्व वाला अडानी ग्रुप अब अपनी ग्लोबल पहुंच को और विस्तार देने की तैयारी में है। देश की सबसे बड़ी प्राइवेट पोर्ट कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ब्रिटेन के सबसे बड़े पोर्ट ऑपरेटर 'एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स' (ABP) में 63.9% हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर रही है। यदि यह सौदा परवान चढ़ता है, तो यह अडानी ग्रुप की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक की सबसे बड़ी छलांग होगी।

कनाडाई पेंशन फंड्स के पास है यह हिस्सेदारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ABP की यह नियंत्रक (कंट्रोलिंग) हिस्सेदारी फिलहाल कनाडा के दो दिग्गज पेंशन फंड्स—कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) और आंटारियो म्युनिसिपल इम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम (OMERS) के पास है। इन दोनों निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए बैंकरों की नियुक्ति कर दी है, जिसके बाद अडानी पोर्ट्स ने इस पर अपनी पैनी नजर बना ली है।

21 बंदरगाहों का विशाल नेटवर्क संभालती है ABP

एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स (ABP) का ब्रिटेन के समुद्री व्यापार में दबदबा है। यह कंपनी इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में कुल 21 बंदरगाहों का संचालन करती है।

इसमें ब्रिटेन का सबसे बड़ा बंदरगाह 'इमिंघम' और प्रमुख इंपोर्ट पोर्ट 'साउथेम्प्टन' शामिल हैं।

ये पोर्ट्स अकेले ब्रिटेन के कुल समुद्री व्यापार का लगभग 25% हिस्सा संभालते हैं।

वित्त वर्ष 2025 में ABP ने 42.5 मिलियन टन बल्क कार्गो और 3.1 मिलियन कंटेनर यूनिट्स का संचालन किया था, जिस दौरान कंपनी का राजस्व 819.8 मिलियन पाउंड और ऑपरेटिंग प्रॉफिट 586.5 मिलियन पाउंड रहा था।

अडानी पोर्ट्स के लिए क्यों खास है यह डील?

ABP की कमाई का मुख्य जरिया लॉन्ग-टर्म ग्राहक अनुबंध और पायलटेज सेवाएं हैं, जिससे कंपनी को एक स्थिर आय मिलती है। रणनीतिक नजरिए से यह संपत्ति अडानी पोर्ट्स के बिजनेस मॉडल में बिल्कुल फिट बैठती है। वर्तमान में अडानी पोर्ट्स भारत में 15 बंदरगाहों का संचालन कर रही है, जिनकी कुल क्षमता 653 मिलियन टन है। इसके अलावा, कंपनी का कारोबार इजरायल, तंजानिया, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया तक फैला हुआ है।

कंपनी ने साल 2030 तक अपनी कार्गो हैंडलिंग क्षमता को बढ़ाकर 1 अरब (1 Billion) टन तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में करीब 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई गई है। हालांकि, अडानी पोर्ट्स के प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी लगातार रणनीतिक अवसरों का मूल्यांकन करती है, लेकिन वह बाजार की अटकलों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं करती।