गिरफ्तार होंगे अभिषेक बनर्जी? ED ने भेजा समन, कालीघाट आवास के बाहर से रातों-रात हटाई गई भारी पुलिस सुरक्षा
पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी भीषण अंतर्कलह और तख्तापलट के ड्रामे के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें अब बेहद चरम पर पहुंच गई हैं। एक तरफ जहां पार्टी के 58 बागी विधायकों ने उन्हें संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया है, वहीं दूसरी तरफ अब केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सीधी घेरेबंदी शुरू कर दी है।
प्राइमरी शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी ने अभिषेक बनर्जी को समन जारी कर तलब किया है। इस कड़े केंद्रीय ऐक्शन के बीच कोलकाता पुलिस ने भी बेहद चौंकाने वाला कदम उठाते हुए अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर तैनात भारी सुरक्षा घेरे को पूरी तरह से हटा लिया है, जिसके बाद बंगाल के राजनीतिक गलियारों में अभिषेक की संभावित गिरफ्तारी को लेकर कयासों का बाजार बेहद गर्म हो गया है।
15 जून को ED के सामने होना होगा पेश, कर्मचारी को थमाया समन
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को एक हाई-प्रोफाइल कार्रवाई करते हुए डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को नया समन जारी किया है। ईडी ने उन्हें आगामी 15 जून 2026 को साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स (CGO Complex) कार्यालय में जांच अधिकारियों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का कड़ा निर्देश दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी की एक विशेष टीम बुधवार शाम को दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची थी। चूंकि उस समय पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक घर पर मौजूद नहीं थे, इसलिए जांच एजेंसी ने उनके एक निजी कर्मचारी को यह आधिकारिक समन सौंप दिया। यह ऐक्शन ऐसे समय पर हुआ है जब अभिषेक बनर्जी पहले से ही 'सिग्नेचर कांड' (फर्जी हस्ताक्षर विवाद) में घिरे हुए हैं और राज्य की सीआईडी (CID) उनसे लगातार पूछताछ कर रही है, जिसके खिलाफ उन्होंने हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट का भी रुख किया है।
कालीघाट आवास से पुलिस कियोस्क और बैरिकेड्स गायब, सुरक्षा घेरा पूरी तरह खत्म
इस पूरे घटनाक्रम में जो बात सबसे ज्यादा हैरान और चौंकाने वाली रही, वह है स्थानीय पुलिस का यू-टर्न। बुधवार को ही कालीघाट पुलिस स्टेशन ने एक बड़ा आदेश जारी करते हुए अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर चौबीसों घंटे तैनात रहने वाले भारी सुरक्षा अमले को वापस बुला लिया।
अभिषेक के घर के बाहर से पुलिस कियोस्क, सुरक्षा बैरिकेड्स, बैग स्कैनर मशीनें और अन्य अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण रातों-रात हटा लिए गए हैं। इससे ठीक पहले उनके आवास की बाहरी सुरक्षा रेल को भी क्रेन की मदद से हटा दिया गया था। सत्ता और संगठन में अपनी पकड़ कमजोर होते ही पुलिस सुरक्षा का इस तरह हटाया जाना यह साफ संकेत देता है कि प्रशासन भी अब अभिषेक बनर्जी से दूरी बना रहा है।
'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी पर गहराया शिकंजा, करोड़ों की संपत्ति हो चुकी है जब्त
आपको बता दें कि ईडी साल 2022 से ही पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले (Primary Teacher Recruitment Scam) की मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही है। इस मामले में ईडी और सीबीआई (CBI) अब तक राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी सहित टीएमसी के कई कद्दावर नेताओं और बाहुबलियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस घोटाले में फर्जी नियुक्तियों, ओएमआर शीट (योग्यता सूची) में बड़े पैमाने पर हेरफेर और राज्य सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में अवैध तरीके से बैकडोर एंट्री दिलाने वाले बिचौलियों का एक बहुत बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। ईडी अब इस मामले में सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड' (Leaps and Bounds Pvt Ltd) की वित्तीय भूमिका की कड़ाई से जांच कर रही है। संदिग्ध बिचौलियों के खातों से इस कंपनी में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है, जिसके बाद जांच एजेंसी ने कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों की संपत्तियां पहले ही जब्त कर ली हैं। हालांकि, अभिषेक बनर्जी इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताते आए हैं।