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July 12 2026 05:12 pm

500 रुपये के नोट बंद नहीं होंगे, सरकार ने दी स्पष्ट जानकारी; छोटे नोटों की उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी तेज

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India News Live,Digital Desk : केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक बार फिर स्पष्ट किया कि 500 रुपये के नोटों की आपूर्ति बंद करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में दी। पीटीआई की खबर के अनुसार, उन्होंने कहा कि एटीएम से 500 रुपये के नोटों का वितरण पहले की तरह जारी रहेगा। इसके अलावा, 100 और 200 रुपये के नोटों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्यसभा में एक लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 28 अप्रैल, 2025 को एक परिपत्र जारी किया है। इस संबंध में, सभी बैंकों और व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटरों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने एटीएम में 100 रुपये और 200 रुपये मूल्यवर्ग के नोटों का नियमित स्टॉक सुनिश्चित करें, ताकि आम जनता को आसानी से छोटे मूल्यवर्ग की नकदी मिल सके।

100 या 200 रुपये के नोट लाने पर जोर

खबर के मुताबिक, आरबीआई के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि 30 सितंबर 2025 तक देश के 75 फीसदी एटीएम से कम से कम एक कैसेट के जरिए 100 या 200 रुपये के नोट निकलने चाहिए। 31 मार्च 2026 तक इस लक्ष्य को बढ़ाकर 90 फीसदी एटीएम कर दिया जाएगा। एक अन्य सवाल के जवाब में चौधरी ने बताया कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पिछले पांच साल (अप्रैल 2020 से मार्च 2025) के दौरान 76 मामलों की जांच की है। इन मामलों में 949.43 करोड़ रुपये की डिस्गॉर्जमेंट राशि बरामद की गई है। डिस्गॉर्जमेंट एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें अवैध रूप से अर्जित लाभ को जब्त कर लिया जाता है। राज्य मंत्री ने कहा कि निवेश धोखाधड़ी को रोकने के लिए कई केंद्रीय एजेंसियां और प्रवर्तन निकाय सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

ऐसे लगभग 220 मामलों की जांच शुरू कर दी गई है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने भी पिछले पाँच वर्षों में मल्टी-लेवल मार्केटिंग घोटालों से जुड़े 9 मामलों की पहचान की है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1 जनवरी, 2020 से 30 जुलाई, 2025 तक निवेश धोखाधड़ी से जुड़े लगभग 220 मामलों में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत जाँच शुरू की है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर वर्तमान में कोई कानूनी नियंत्रण नहीं है, लेकिन आरबीआई-सचेत पोर्टल पर अनधिकृत निवेश योजनाओं के संबंध में हजारों शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।