S-400 के लिए 288 और मिसाइलें आएंगी भारत, ऑपरेशन सिंदूर में PAK के छुड़ाए थे छक्के

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India News Live, Digital Desk: भारत को रूस से 288 और S-400 मिसाइलें मिलेंगी, जिनमें 120 शॉर्ट-रेंज और 168 लॉन्ग-रेंज मिसाइलें शामिल हैं। इन मिसाइलों का समझौता रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने किया है और इसकी कीमत ₹1 लाख करोड़ से अधिक बताई जा रही है। यह भारत के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम है, खासकर जब इसे पाकिस्तान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की क्षमता के मद्देनजर देखा जा रहा है।

S-400 मिसाइलों का महत्व

S-400 मिसाइल प्रणाली भारत की वायु सुरक्षा को और मजबूत करेगी। इस मिसाइल प्रणाली की एक बड़ी खासियत यह है कि यह बेहद सटीक और प्रभावी है, खासकर दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को दूर से नष्ट करने की क्षमता में। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के खिलाफ S-400 ने शानदार प्रदर्शन किया था, जिससे पाकिस्तान की वायुसेना के लिए इसे चुनौतीपूर्ण बना दिया था।

ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की भूमिका

ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की भूमिका अहम रही थी। यह भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ किए गए एक सैन्य अभियान का हिस्सा था, जिसमें S-400 ने दुश्मन के विमान और मिसाइलों का सटीकता से पता लगाकर उन्हें नष्ट किया। इससे पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को एक बड़ा झटका लगा था, और यह स्पष्ट हो गया था कि S-400 कितनी प्रभावी मिसाइल प्रणाली है।

भारत का रक्षा क्षेत्र: आगे की रणनीति

रूस से इन अतिरिक्त 288 S-400 मिसाइलों के आगमन के बाद भारत की वायु रक्षा क्षमताएं और भी सशक्त होंगी। यह कदम भारत के सामरिक बल को और सुदृढ़ करेगा और पड़ोसी देशों से संभावित खतरों के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा चक्र तैयार करेगा। भारत की सैन्य ताकत को बढ़ाने के लिए यह एक अहम कदम है, और भविष्य में ऐसे और समझौतों की संभावना जताई जा रही है।