गर्भवती महिलाओं के लिए योगी सरकार का बड़ा 'एक्शन प्लान', 3 मई को होगा फाइनल रोडमैप

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर योगी सरकार एक नई और महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। सरकार का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2030 तक 'मातृ मृत्यु दर' (Maternal Mortality Rate) को न्यूनतम स्तर पर लाना है। इस दिशा में एक ठोस रणनीति तैयार करने के लिए आगामी 3 मई 2026 को राजधानी लखनऊ में विशेषज्ञों और चिकित्सकों की एक बड़ी कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें प्राप्त सुझावों के आधार पर सरकार अपना आगामी रोडमैप फाइनल करेगी।

मोबाइल ऐप से होगी हर गर्भवती महिला की ट्रैकिंग

प्रदेश सरकार की नई योजना के तहत अब 100 फीसदी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए किया जाएगा। स्टेट ट्रांसफार्मेशन मिशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह के अनुसार, इस डिजिटल पहल का उद्देश्य गर्भावस्था से लेकर प्रसव और उसके एक साल बाद तक महिलाओं की सेहत पर नजर रखना है। ऐप के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी और जटिल मामलों में उच्च चिकित्सा संस्थानों को समय पर अलर्ट भेजा जा सकेगा।

मातृ स्वास्थ्य के लिए 'राज्य स्वास्थ्य प्रकोष्ठ' का गठन

सरकार ने इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पहले ही एक राज्य स्वास्थ्य प्रकोष्ठ का गठन कर दिया है। यह सेल न केवल नई रणनीतियों को लागू करेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर हो रही प्रगति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी करेगा। खास बात यह है कि इस मुहिम में केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी स्वास्थ्य संस्थानों (Private Hospitals) को भी सहभागी बनाया जा रहा है ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण मातृ देखभाल पहुंच सके।

इन 5 मुख्य बिंदुओं पर रहेगा सरकार का फोकस:

शत-प्रतिशत पंजीकरण: मोबाइल ऐप के जरिए प्रदेश की हर गर्भवती महिला का डेटाबेस तैयार करना।

गंभीर बीमारियों का प्रबंधन: प्रसव के दौरान होने वाले अत्यधिक रक्तस्राव (Hemorrhage) और उच्च रक्तचाप (Hypertension) जैसी जानलेवा स्थितियों का विशेष प्रबंधन।

समय पर रेफरल: रिस्क वाले मामलों को बिना देरी किए बड़े अस्पतालों में शिफ्ट करने की व्यवस्था।

पोस्ट-नेटल केयर: प्रसव के बाद कम से कम एक वर्ष तक मां को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना।

निजी भागीदारी: प्राइवेट डॉक्टरों और क्लिनिकों को भी इस स्वास्थ्य मिशन से जोड़ना।

'शक्ति दीदी' अभियान के जरिए जमीन पर जागरूकता

एक तरफ जहां लखनऊ में नीतिगत बदलाव हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे देवरिया में 'मिशन शक्ति फेज-5.0' और 'शक्ति दीदी' अभियान के तहत महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें सार्वजनिक स्थानों, बैंकों और बाजारों में जाकर महिलाओं को सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दे रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही इस नए रोडमैप को अपनी मंजूरी दे सकते हैं, जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश में युद्धस्तर पर लागू किया जाएगा।