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October 16 2026 10:36 pm

Thailand-Cambodia Shiva temple dispute क्या मलेशिया में खत्म होगा दशकों पुराना संघर्ष...

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India News Live,Digital Desk : थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सदियों पुराने प्रेह विहार शिव मंदिर को लेकर चल रहा सीमा विवाद अब सुलझने की कगार पर है। दोनों पड़ोसी देशों के नेताओं की आज मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में एक महत्वपूर्ण मुलाकात हो रही है, जिससे इस संवेदनशील मुद्दे के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है।

यह विवाद 100 साल से भी ज्यादा पुराना है, जो मुख्य रूप से इस प्राचीन मंदिर के आसपास की सीमा के निर्धारण से जुड़ा है। भगवान शिव को समर्पित यह ऐतिहासिक मंदिर दोनों देशों के लिए गहरा सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है। 1962 में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने इस मंदिर पर कंबोडिया के अधिकार का फैसला सुनाया था। हालांकि, 2008 में जब यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया, तो थाईलैंड ने इस पर आपत्ति जताई, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया। इस विवाद के कारण अतीत में कई बार सैन्य झड़पें हुईं, जिनमें दोनों ओर से जान-माल का नुकसान भी हुआ।

आज की बैठक में थाईलैंड के प्रधानमंत्री श्रेत्था थाविसिन और कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट शामिल हो रहे हैं। दोनों नेता इस दशकों पुराने गतिरोध को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जता चुके हैं। यह बैठक न केवल दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भी इसके दूरगामी परिणाम होंगे।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विवाद सफलतापूर्वक सुलझ जाता है, तो यह प्रेह विहार मंदिर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देगा और दोनों देशों के लिए आर्थिक सहयोग के नए द्वार खोलेगा। यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है, और इसका शांतिपूर्ण समाधान क्षेत्र में सद्भाव और प्रगति का प्रतीक बन सकता है।

दुनिया भर की निगाहें इस ऐतिहासिक मुलाकात पर टिकी हैं, उम्मीद है कि यह बैठक थाईलैंड और कंबोडिया के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी, जिसमें सहयोग और आपसी समझ अतीत के मतभेदों पर हावी होगी।