Uddhav and Raj Thackeray's meeting at Matoshree क्या खत्म होंगी दूरियां, या सिर्फ पारिवारिक निमंत्रण
India News Live,Digital Desk : महाराष्ट्र की राजनीति में मंगलवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे अपने चचेरे भाई और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मिलने उनके निवास 'मातोश्री' पहुंचे। यह मुलाकात कई सालों बाद हुई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
बताया जा रहा है कि राज ठाकरे अपनी बेटी उर्वशी की शादी का निमंत्रण देने उद्धव ठाकरे के निवास स्थान 'मातोश्री' गए थे। इस दौरान उद्धव ठाकरे, उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे और बेटे आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, रश्मि ठाकरे ने राज ठाकरे की पत्नी शर्मिला ठाकरे से भी मुलाकात की, जिससे यह मुलाकात पूरी तरह से एक पारिवारिक मिलन प्रतीत हुई।
हालांकि, यह एक व्यक्तिगत निमंत्रण था, लेकिन लोकसभा चुनावों के बीच इस मिलन के गहरे राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। गौरतलब है कि दोनों भाई करीब 7-8 साल बाद आमने-सामने आए हैं। राज ठाकरे ने 2006 में शिवसेना से अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) का गठन किया था, जिसके बाद से दोनों के राजनीतिक रास्ते अलग रहे हैं।
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में, उद्धव ठाकरे महा विकास अघाड़ी (एमवीए) का हिस्सा हैं, जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) भी शामिल हैं। वहीं, राज ठाकरे ने हाल ही में अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन देने की बात कही है, हालांकि उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने या किसी गठबंधन में शामिल होने से इनकार किया है।
ऐसे में, इस मुलाकात को लेकर विभिन्न कयास लगाए जा रहे हैं। क्या यह सिर्फ एक पारिवारिक रस्म थी, या इसके पीछे महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक बिसात पर कोई नया समीकरण बनने की संभावना है? खासकर शिवसेना के विभाजन और ठाकरे परिवार की विरासत को लेकर चल रही खींचतान के बीच इस मुलाकात ने निश्चित तौर पर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। फिलहाल, दोनों ओर से इसे केवल एक पारिवारिक भेंट बताया गया है, लेकिन इसने महाराष्ट्र की सियासी हलचल को तेज कर दिया है।