सिर्फ बुमराह ही क्यों, सिराज का क्या? चौथे टेस्ट से पहले वर्कलोड मैनेजमेंट पर छिड़ी नई बहस

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India News Live,Digital Desk : इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज जैसे-जैसे अपने निर्णायक दौर में पहुंच रही है, एक तरफ टीम इंडिया मजबूत स्थिति में है, तो वहीं दूसरी ओर जसप्रीत बुमराह को चौथे टेस्ट से आराम दिए जाने पर एक नई बहस छिड़ गई है। सबकी जुबान पर एक ही सवाल है – क्या केवल बुमराह के वर्कलोड मैनेजमेंट की ही बात होगी, या मोहम्मद सिराज के वर्कलोड पर भी ध्यान दिया जाएगा, जो पूरी सीरीज में खेल रहे हैं?

दरअसल, स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह को रांची में होने वाले चौथे टेस्ट के लिए आराम दिया गया है, ताकि उनके वर्कलोड को मैनेज किया जा सके। उनकी अहमियत और खासकर इस सीरीज में उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए यह फैसला समझा जा सकता है। लेकिन, आंकड़े बताते हैं कि मोहम्मद सिराज भी इस पूरी सीरीज में लगातार खेल रहे हैं। उन्होंने विशाखापत्तनम में दूसरे टेस्ट और राजकोट में तीसरे टेस्ट, दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जबकि बुमराह अपनी धारदार गेंदबाजी और विकेट लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं, सिराज भी टीम के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं, खासकर जब बात नई गेंद से शुरुआती विकेट लेने या पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने की आती है। वह लगातार अपनी एनर्जी और पैशन से टीम को मजबूती देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब बुमराह जैसे प्रमुख खिलाड़ी को आराम दिया जा रहा है, तो सिराज के वर्कलोड मैनेजमेंट पर टीम इंडिया ने क्या सोचा है? क्या यह सिर्फ बड़े नामों पर ही लागू होता है, या हर तेज गेंदबाज के वर्कलोड को समान रूप से देखा जाना चाहिए?

रांची की पिच पर तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद को देखते हुए, सिराज का लगातार खेलना उनके प्रदर्शन पर असर डाल सकता है। टीम इंडिया को न केवल यह सीरीज जीतनी है, बल्कि अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों को आने वाले महत्वपूर्ण मुकाबलों जैसे आईपीएल और टी-20 विश्व कप जैसे टूर्नामेंट के लिए भी तरोताजा रखना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट इस स्थिति को कैसे संभालता है और क्या आने वाले मैचों में सिराज को भी आराम देने पर विचार किया जाएगा।