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September 25 2026 09:04 pm

आधी कीमत में 'भूतों का घर' क्यों खरीद रहे लोग? आत्माओं को शांत करने के लिए रखा जाता है भोजन

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बढ़ती महंगाई और रियल एस्टेट बाजार में आसमान छूती फ्लैट्स की कीमतों ने आम आदमी के लिए अपने सपनों का घर खरीदना बेहद मुश्किल बना दिया है। इसी बीच ताइवान के प्रॉपर्टी मार्केट से एक बेहद हैरान करने वाला और अनोखा चलन सामने आया है। यहां लोग जानबूझकर उन घरों को खरीद रहे हैं, जिन्हें आम समाज में 'भूतों का घर' या मनहूस संपत्ति माना जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये संपत्तियां बाजार भाव से 30 से 50 फीसदी तक कम यानी आधी कीमत में मिल रही हैं। अंधविश्वास और डर को दरकिनार करते हुए लोग न केवल ऐसे घरों में शिफ्ट हो रहे हैं, बल्कि भटकती आत्माओं को शांत करने के लिए विशेष अनुष्ठान और उनके लिए भोजन भी अर्पित कर रहे हैं।

मंदारिन में 'सियोंग झाई' कहे जाते हैं ये घर, हिंसक अतीत से जुड़ी है कहानी

स्थानीय मंदारिन भाषा में ऐसी संपत्तियों को 'सियोंग झाई' (Xiong Zhai) कहा जाता है। यह शब्द उन घरों, अपार्टमेंट्स या इमारतों के लिए इस्तेमाल होता है, जहां पहले रहने वाले किसी व्यक्ति की हत्या, आत्महत्या या किसी अन्य बेहद दर्दनाक और हिंसक परिस्थिति में मौत हुई हो।

ताइवान के रियल एस्टेट नियमों के तहत प्रॉपर्टी डीलर्स और ब्रोकरों के लिए यह अनिवार्य होता है कि वे खरीदार को उस घर के हिंसक या अप्राकृतिक अतीत के बारे में पहले से पूरी जानकारी दें। रिपोर्टों के मुताबिक, जिस घर में हुई मौत की घटना जितनी ज्यादा खौफनाक या हिंसक रही होती है, उस संपत्ति की कीमत में उतनी ही भारी गिरावट देखने को मिलती है। कई मामलों में प्राइम लोकेशन पर मौजूद आलीशान फ्लैट भी सामान्य रेट से आधे दामों पर बिकने के लिए लिस्ट हो जाते हैं।

बढ़ती अर्थव्यवस्था, महंगे घर और युवाओं की मजबूरी

इस चलन के तेजी से बढ़ने के पीछे ताइवान का गहराता आर्थिक संकट और रियल एस्टेट बूम है। ताइवान की अर्थव्यवस्था सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री के दम पर तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही ताइपे जैसे बड़े शहरों में प्रॉपर्टी के दाम आम वेतनभोगी युवाओं की पहुंच से पूरी तरह बाहर हो चुके हैं।

ऐसे में युवा प्रोफेशनल्स, पहली बार घर खरीदने वाले परिवार और आधुनिक सोच वाले लोग, जो भूत-प्रेत और पारंपरिक अंधविश्वासों को ज्यादा तवज्जो नहीं देते, वे इसे एक बेहतरीन अवसर के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक चार दीवारें और छत सुरक्षित हैं, तब तक किसी पुरानी नकारात्मक घटना की वजह से आधी कीमत में मिल रहे घर को छोड़ना समझदारी नहीं है।

'घोस्ट मंथ' और भटकती आत्माओं को भोजन कराने की परंपरा

ताइवान में इन भूतहा घरों का संबंध वहां की सदियों पुरानी लोक मान्यताओं और आध्यात्मिक परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है। ताइवान की संस्कृति में सितंबर के मध्य तक चलने वाले पूरे महीने को 'घोस्ट मंथ' (Ghost Month) माना जाता है।

स्थानीय लोक मान्यता के अनुसार, इस पूरे महीने में पाताल (अंडरवर्ल्ड) के दरवाजे खुल जाते हैं और अतृप्त या भटकती आत्माएं धरती पर विचरण करने आती हैं। इस दौरान लोग और स्थानीय मंदिर आत्माओं को शांत करने और उनसे सुरक्षा पाने के लिए सड़कों, चौराहों और घरों के बाहर विशेष भोजन, फल और प्रसाद की थालियां सजाकर रखते हैं। मान्यता है कि भूखी और उपेक्षित आत्माएं भोजन पाकर संतुष्ट हो जाती हैं और जीवित लोगों को कोई नुकसान या परेशानी नहीं पहुंचातीं।

घर में शिफ्ट होने से पहले विशेष तांत्रिक और आध्यात्मिक रस्में

सस्ते दाम में 'सियोंग झाई' खरीदने वाले ज्यादातर लोग घर में प्रवेश करने से पहले किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाते। नए घर में गृह प्रवेश से पहले ताओवादी पुजारियों या आध्यात्मिक साधकों (स्पिरिचुअल प्रैक्टिशनर्स) को बुलाकर विशेष शुद्धिकरण रस्में करवाई जाती हैं।

पुजारियों का कहना है कि इन अनुष्ठानों का मुख्य उद्देश्य उस स्थान से पिछली मौत से जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को बाहर निकालना और उस आत्मा को मोक्ष या शांति का मार्ग दिखाना होता है। रस्मों के जरिए घर की ऊर्जा को शुद्ध किया जाता है ताकि नए रहने वाले परिवार को किसी मानसिक तनाव, बीमारी या आर्थिक बाधा का सामना न करना पड़े।

बैंक लोन देने से कतराते हैं, फिर भी बढ़ रहा है खरीदारों का क्रेज

हालांकि, इन संपत्तियों को खरीदना पूरी तरह आसान नहीं है। स्थानीय बैंक और वित्तीय संस्थान अक्सर ऐसे घरों पर होम लोन देने से बचते हैं। बैंकों को डर रहता है कि यदि खरीदार कभी कर्ज चुकाने में असमर्थ रहा, तो अंधविश्वास और सामाजिक पूर्वाग्रह के कारण बैंक के लिए उस जब्त की गई संपत्ति को दोबारा बेचना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।

इसके बावजूद, ताइवान में इस तरह के घरों की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है। सामाजिक कलंक (स्टिग्मा) से जूझ रहे ये मकान अब उन लोगों के लिए अपने घर का सपना पूरा करने का जरिया बन रहे हैं, जो महंगे रियल एस्टेट बाजार के आगे बेबस थे।