अमेरिका में शी जिनपिंग के 'लेट-लेट कर स्वागत' का क्या है सच? B-1 बॉम्बर के फ्लाईपास्ट और ट्रंप
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के तीन दिवसीय अमेरिका दौरे के बीच सोशल मीडिया पर उनके औपचारिक स्वागत समारोह से जुड़े कई वीडियो और अजीबोगरीब दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स और प्लेटफॉर्म्स पर 'शी जिनपिंग का लेट-लेट कर स्वागत' जैसे भ्रामक और क्लिकबेट दावों के साथ क्लिप्स साझा की जा रही हैं। हालांकि, असल हकीकत यह है कि न तो अमेरिकी सरजमीं पर कोई शी जिनपिंग के आगे लेटा और न ही ऐसा कोई प्रोटोकॉल अपनाया गया।
दरअसल, वायरल हो रहे वीडियो का संबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शी जिनपिंग की अगवानी के दौरान आयोजित किए गए भव्य 'मिलिट्री फ्लाईपास्ट' (लड़ाकू विमानों की गर्जना) और उस दौरान दोनों नेताओं की शारीरिक भाषा (Body Language) से है।
क्या है वायरल वीडियो का सच?
वाशिंगटन डीसी स्थित 'ज्वाइंट बेस एंड्रयूज' एयरबेस पर जब शी जिनपिंग का विमान उतरा, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रोटोकॉल तोड़कर खुद रनवे पर उनका स्वागत करने पहुंचे। इस दौरान ट्रंप ने अमेरिकी शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए बेहद कम ऊंचाई पर उड़ने वाले बी-1 रणनीतिक बॉम्बर (B-1 Bomber) और फाइटर जेट्स का फ्लाईपास्ट आयोजित किया था।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि:
जैसे ही बी-1 बॉम्बर विमान अत्यधिक तेज गर्जना और कान फोड़ू आवाज के साथ रनवे के ठीक ऊपर से गुजरा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अचानक चौंक गए।
आवाज की तीव्रता से बचने के लिए ट्रंप हल्का सा झुके (Wince/Dodge किया), अपने दांत भींचे और अजीब सा मुंह बनाया।
वहीं उनके ठीक बगल में खड़े चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग बिना किसी हलचल के बिल्कुल शांत और सीधे खड़े रहे।
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने ट्रंप के इस अचानक झुकने और चौंकने वाले रिएक्शन को मीम्स में बदल दिया। वहीं कुछ असत्यापित हैंडल्स ने सनसनी फैलाने के लिए इसे "लेट-लेट कर स्वागत" जैसे भ्रामक शीर्षकों के साथ पेश कर दिया।
सोशल मीडिया पर भिड़े समर्थक और आलोचक: 'डरा रहे हैं या स्वागत कर रहे हैं?'
इस वीडियो के सामने आने के बाद दुनिया भर के इंटरनेट यूजर्स दो गुटों में बंट गए हैं:
ट्रंप के आलोचकों का तंज: कई अंतरराष्ट्रीय यूजर्स और अमेरिकी मीडिया आलोचकों ने कहा कि ट्रंप ने जिस फ्लाईपास्ट का आदेश शी जिनपिंग पर दबाव बनाने और सैन्य धौंस दिखाने के लिए दिया था, वह उल्टा पड़ गया। विमान की आवाज से ट्रंप खुद असहज नजर आए, जबकि शी जिनपिंग के चेहरे पर शिकन तक नहीं दिखी।
समर्थकों का तर्क: ट्रंप समर्थकों का कहना है कि रनवे पर बी-1 बॉम्बर, एफ-22 और एफ-16 जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट्स को तैनात करना अमेरिका के दबदबे का स्पष्ट संदेश था। सुपरसोनिक बॉम्बर की तेज आवाज पर स्वाभाविक मानवीय प्रतिक्रिया आना कोई कमजोरी नहीं है।
रनवे पर हुई थी तोपों की सलामी और रेड कार्पेट अगवानी
समारोह के दौरान 100 फीट लंबा रेड कार्पेट बिछाया गया था, तोपों की सलामी दी गई थी और दोनों देशों के राष्ट्रगान की धुनें बजाई गई थीं।
शी जिनपिंग के स्वागत से जुड़े किसी भी प्रामाणिक वीडियो में कोई भी व्यक्ति झुककर या लेटकर प्रणाम करता हुआ नहीं दिखा है। इस प्रकार 'लेट-लेट कर स्वागत' का दावा पूरी तरह आधारहीन, अतिशयोक्तिपूर्ण और सोशल मीडिया पर केवल ध्यान खींचने के लिए गढ़ा गया नैरेटिव साबित हुआ है।