जब दुनिया 6G की रफ्तार पर दौड़ रही, उत्तर कोरिया अब भी 2G की कैद में
India News Live,Digital Desk : जहां एक ओर दुनिया 5जी फिर 6जी की स्पीड पर आगे बढ़ रही है, वहीं एक देश ऐसा भी है जहां के लोग अभी भी 2जी और 3जी नेटवर्क की दुनिया में फंसे हुए हैं।

दुनिया जहां अब 5G फिर 6G की स्पीड पर दौड़ रही है, वहीं एक ऐसा देश भी है जहां लोग अभी भी 2G और 3G नेटवर्क की दुनिया में ही सीमित हैं। हम बात कर रहे हैं उत्तर कोरिया की, एक ऐसा देश जहां इंटरनेट आम लोगों के लिए नहीं बल्कि सरकार द्वारा निगरानी का जरिया है।

उत्तर कोरिया में आम लोगों की पहुँच अभी भी वैश्विक इंटरनेट तक नहीं है। वहाँ के नागरिक केवल सरकार द्वारा संचालित स्थानीय नेटवर्क 'क्वांगम्योंग' का उपयोग कर सकते हैं, जिसे इंट्रानेट कहा जाता है। इस इंट्रानेट पर न केवल सीमित जानकारी उपलब्ध है, बल्कि यह पूरी तरह से सरकारी निगरानी में भी है।

इंटरनेट जैसी सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों को हर घंटे अपने फोन या कंप्यूटर का स्क्रीनशॉट भेजना ज़रूरी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी सरकार के खिलाफ़ कोई कंटेंट न देख रहा हो या शेयर न कर रहा हो।

2023 में, WIRED की एक रिपोर्ट ने खुलासा किया कि उत्तर कोरिया में इंटरनेट कितना प्रतिबंधित है। यहाँ, केवल कुछ चुनिंदा सरकारी अधिकारियों को ही इंटरनेट तक पहुँच है, और वह भी पूरी तरह से सेंसरशिप के तहत। आम जनता को क्वांगम्योंग नेटवर्क से काम चलाना पड़ता है, जिसमें कोई सोशल मीडिया नहीं है, कोई वैश्विक समाचार नहीं है, और बाहरी दुनिया की कोई झलक नहीं है।

हर किसी को स्मार्टफोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। सरकार उन लोगों के डिवाइस को ट्रैक करती है जिनके पास स्मार्टफोन हैं और यहां तक कि उन पर देखी गई सामग्री के स्क्रीनशॉट भी मांगती है। अधिकांश नागरिक अभी भी पुराने 2G फीचर फोन का उपयोग करते हैं।

उत्तर कोरिया में न केवल इंटरनेट प्रतिबंधित है, बल्कि सरकार लोगों के कपड़ों, हेयर स्टाइल और जीवनशैली पर भी कड़ी नज़र रखती है। विदेशी फ़िल्में, संगीत देखना या रेडियो सुनना गंभीर अपराध माना जाता है।

उत्तर कोरिया में इंटरनेट के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य: वैश्विक इंटरनेट का उपयोग केवल चुनिंदा सरकारी अधिकारियों के लिए ही उपलब्ध है। आम लोग केवल इंट्रानेट (क्वांगम्योंग) का उपयोग करते हैं, जिस पर सरकार पूरी तरह से नज़र रखती है। सरकार हर डिजिटल गतिविधि पर नज़र रखती है, जिसमें स्क्रीनशॉट भेजना भी शामिल है। विदेशी मीडिया पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। विदेशी रेडियो चैनल सुनना भी अपराध है। देश पर साइबर अपराध और अंतरराष्ट्रीय हैकिंग गतिविधियों में शामिल होने का भी आरोप है।