ईरान ने अफगानिस्तानियों को निकाला क्या है इस्लामिक गणराज्य का यह कड़ा फैसला
India News Live,Digital Desk : एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है जहाँ ईरान की सरकार ने पिछले कई हफ्तों से अपने देश में अवैध रूप से रह रहे सैकड़ों अफ़गान नागरिकों को वापस उनके देश (अफ़गानिस्तान) भेज दिया है। इस कार्रवाई ने मानवीय संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है, खासकर ऐसे समय में जब अफ़गानिस्तान खुद कई गंभीर मानवीय संकटों से जूझ रहा है।
जानकारी के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने यह निष्कासन ऐसे समय में किया है जब अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों पर तालिबानों का पूर्ण नियंत्रण हो गया है। माना जा रहा है कि अफगानिस्तान के हालात सुधरने के बहाने ईरान इन शरणार्थियों को वापस भेज रहा है, लेकिन वास्तविकता कुछ और है। बड़ी संख्या में अफगानों को वाहनों में भरकर ईरान की पूर्वी सीमा तक लाया गया और वहां से अफगानिस्तान के अधिकारियों को सौंप दिया गया।
अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ईरान ने ऐसे लोगों को वापस भेजा है जो अफगानिस्तान में अपनी जान और सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। इन शरणार्थियों को बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया या सुरक्षा आश्वासन के वापस भेजना अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन हो सकता है।
हाल ही में प्रकाशित एक संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने भी अफ़गानिस्तान में गंभीर मानवीय संकट पर प्रकाश डाला था। रिपोर्ट के अनुसार, 23 मिलियन से अधिक अफगान लोग अत्यधिक गरीबी में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, लगभग 56 प्रतिशत से अधिक लोगों के पास भोजन तक की कमी है, और लगभग 4.2 मिलियन बच्चे भी कुपोषण का सामना कर रहे हैं। ऐसे में ईरान का यह कदम अफगानिस्तान के आंतरिक संकट को और गहरा कर सकता है और विस्थापित लोगों की समस्याओं को बढ़ा सकता है। यह कार्रवाई बताती है कि क्षेत्रीय देश अभी भी अफ़गानिस्तान से पलायन कर रहे लोगों के बोझ को लेकर गंभीर चुनौतियां महसूस कर रहे हैं।