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September 24 2026 10:47 pm

AI ने चुना टारगेट या पुराने डेटा ने मचाई तबाही? ईरान के मिनाब स्कूल पर अमेरिकी मिसाइल हमले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे

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आधुनिक युद्धों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग को गेम-चेंजर के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन जब जीवन और मौत के फैसले महज कंप्यूटर एल्गोरिद्म और पुराने डेटा के भरोसे छोड़ दिए जाएं, तो परिणाम कितने विनाशकारी हो सकते हैं, इसका खौफनाक उदाहरण ईरान के मिनाब शहर में सामने आया है।

ईरान के मिनाब स्थित 'शजराह तैय्यबेह' प्राथमिक स्कूल पर अमेरिकी मिसाइल हमले में 123 मासूम बच्चों सहित 150 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इस त्रासदी को 21वीं सदी में अमेरिकी सेना की टारगेटिंग से जुड़ी सबसे घातक और दर्दनाक चूक करार दिया गया है। अब पेंटागन की आंतरिक जांच और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि यह तबाही किसी एक गलत फैसले का नतीजा नहीं, बल्कि आउटडेटेड सैटेलाइट इमेजरी, AI सिस्टम पर अत्यधिक निर्भरता और गंभीर इंसानी लापरवाही की एक सिलसिलेवार कड़ी थी।

घंटों का काम मिनटों में निपटाने की होड़ और AI पर अंधा भरोसा

जांच में शामिल अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सैन्य अभियान के शुरुआती 24 घंटों में 1,000 से अधिक ठिकानों पर सटीक हमले करने का भारी दबाव था।

परंपरागत रूप से सैन्य भाषा में इसे 'किल चेन' (Kill Chain) कहा जाता है, जिसमें इंटेलिजेंस विश्लेषक, इमेजरी विशेषज्ञ, कानूनी सलाहकार और ऑपरेशनल कमांडर मिलकर घंटों तक एक-एक टारगेट की समीक्षा करते थे। लेकिन मिनाब हमले के दौरान इस पूरी प्रक्रिया को तेजी से निपटाने के लिए अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पैलांटिर टेक्नोलॉजीज के 'मेवन स्मार्ट सिस्टम' (Maven Smart System) नामक AI प्लेटफॉर्म का सहारा लिया। जिस टारगेट लिस्ट को तैयार करने और क्रॉस-वेरिफाई करने में घंटों लगते थे, वह काम AI की मदद से कुछ ही मिनटों में पूरा कर लिया गया। अधिकारियों ने मान लिया कि AI खुद विसंगतियों को पकड़ लेगा, जो एक घातक भूल साबित हुई।

7 साल पुरानी तस्वीरें और अपडेट न किया गया डेटाबेस

जांच में सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि आखिर एक चलता-फिरता प्राथमिक स्कूल अमेरिकी सेना के डेटाबेस में वैध सैन्य ठिकाना कैसे बना रहा?

पुरानी क्लासिफिकेशन: मिनाब स्थित यह स्थल करीब एक दशक पहले तक ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) की एक नौसैनिक इकाई का हिस्सा था। अमेरिकी डेटाबेस में यह उसी पुराने वर्गीकरण के साथ दर्ज था।

दशकों पहले बदल चुका था स्वरूप: हकीकत यह थी कि 2017 तक उस परिसर में नई दीवारें और अलग प्रवेश द्वार बनाकर उसे सैन्य क्षेत्र से पूरी तरह अलग कर दिया गया था। 2018 की व्यावसायिक सैटेलाइट तस्वीरों में रंग-बिरंगी दीवारें, बच्चों का खेल का मैदान और असेंबली ग्राउंड साफ नजर आ रहे थे।

चेतावनी को नहीं किया गया लिंक: वर्ष 2019 में एक अमेरिकी खुफिया विश्लेषक ने इन भौतिक बदलावों को दर्ज भी किया था, लेकिन वह इनपुट उस मुख्य टारगेटिंग डेटाबेस से कभी लिंक ही नहीं हुआ जिससे AI सिस्टम डेटा उठा रहा था। नतीजतन, अधिकारियों ने सात साल पुरानी सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर स्कूल को IRGC का सक्रिय ठिकाना मान लिया।

इंसानी निगरानी तंत्र में भारी कटौती बनी काल

रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पेंटागन द्वारा नागरिक क्षति शमन यानी 'सिविलियन हार्म मिटिगेशन' (CHM) इकाइयों में भारी कटौती की गई थी। इस विंग का मुख्य काम ही यह सुनिश्चित करना होता है कि किसी भी मिसाइल या हवाई हमले से पहले यह आंका जाए कि वहां आम नागरिक या बच्चे मौजूद हैं या नहीं।

जांच के अनुसार, हमले की योजना के दौरान CENTCOM की CHM टीम के किसी भी सदस्य से मिनाब साइट की स्वतंत्र समीक्षा नहीं कराई गई। नतीजतन, जब क्लास में 7 से 12 साल की मासूम बच्चियां बैठी थीं, ठीक उसी समय सटीक गाइडेड मिसाइलों ने स्कूल की दो मंजिला इमारत को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया।

संयुक्त राष्ट्र ने बताया संभावित युद्ध अपराध

संयुक्त राष्ट्र (UN) के स्वतंत्र तथ्य-खोज मिशन ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का घोर उल्लंघन और संभावित युद्ध अपराध करार दिया है। मिशन ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा कि यह केवल मानवीय त्रुटि नहीं थी, बल्कि नागरिक जीवन की पुष्टि करने के बुनियादी दायित्वों में ऐसी विफलता थी जो 'लापरवाही से कहीं अधिक' गंभीर है।

तकनीकी कंपनी पैलांटिर ने सफाई दी है कि उसका सॉफ्टवेयर केवल उपलब्ध कराए गए डेटा पर काम करता है और डेटाबेस की गलतियों के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। हालांकि, इस घटना के बाद सिस्टम में नए सेफ्टी-चेक जोड़े गए हैं। इस त्रासदी ने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों के सामने यह ज्वलंत नैतिक प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या युद्धक्षेत्र में अंतिम फैसला लेने का अधिकार किसी एल्गोरिद्म को सौंपा जाना चाहिए।