लॉस एंजिलिस में इमिग्रेशन छापे के बाद भड़का जनाक्रोश, कई दिन से जारी है हिंसक प्रदर्शन
India News Live, Digital Desk : अमेरिका के लॉस एंजिलिस शहर में इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। वजह है—अवैध प्रवासियों को पकड़ने के लिए की गई सरकारी कार्रवाई, जिसने स्थानीय लोगों में आक्रोश भर दिया है। शुक्रवार को इमिग्रेशन और कस्टम्स इंफोर्समेंट (ICE) अधिकारियों ने शहर के लैटिन बहुल इलाकों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। इस दौरान कई लोगों को गैंग से जुड़ाव और अवैध इमिग्रेशन के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
इस कार्रवाई ने स्थानीय लोगों की नाराजगी को जन्म दे दिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। नारों, प्रदर्शन और यहां तक कि अंडे फेंककर लोगों ने अपना विरोध जताया। हालात बिगड़ते देख सुरक्षाबलों को मिर्ची स्प्रे और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके।
लॉस एंजिलिस, जिसे अमीरों और प्रभावशाली लोगों का शहर माना जाता है, वहां की आबादी काफी विविधतापूर्ण है। यहां 56% लोग स्पेनिश के साथ अंग्रेजी भी बोलते हैं। यह शहर लंबे समय से प्रवासियों के लिए एक प्रमुख केंद्र रहा है। लेकिन इस बार की कार्रवाई ने समुदाय के भीतर डर और असंतोष दोनों पैदा कर दिए हैं।
बीते 5 दिनों से विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी हैं। हालात को संभालने के लिए ट्रंप प्रशासन ने करीब 700 मरीन और 4000 नेशनल गार्ड तैनात किए हैं, लेकिन जनता का गुस्सा अभी भी थमा नहीं है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि लॉस एंजिलिस के आधे से ज्यादा नागरिक विदेशी मूल के हैं—जिनमें 1.89 मिलियन लैटिन, 0.5 मिलियन एशियन, हवाईयन और प्रशांत द्वीप समूह के लोग शामिल हैं।
ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से अमेरिका में अवैध इमिग्रेशन के खिलाफ कार्रवाई काफी तेज हो गई है, जिसका असर अब लॉस एंजिलिस जैसे बहुसांस्कृतिक शहरों पर भी साफ दिखने लगा है।