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August 19 2026 07:36 am

US President's new decision : H-1B वीज़ा पर 1 लाख डॉलर शुल्क, भारतीयों पर बड़ा असर

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India News Live,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अचानक घोषणा की है कि अब H-1B वीज़ा पर 1,00,000 डॉलर का शुल्क लगेगा। यह वीज़ा अमेरिका में काम करने वाले विदेशी पेशेवरों, खासकर आईटी और टेक कंपनियों में काम करने वालों के लिए बेहद अहम माना जाता है।

इस फैसले के बाद प्रवासी कामगारों और तकनीकी कंपनियों में हलचल मच गई। सिलिकॉन वैली की कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को विदेश यात्रा से बचने की सलाह दी, ताकि वापस लौटने में किसी तरह की परेशानी न हो। स्थिति को देखते हुए व्हाइट हाउस ने सफाई दी कि यह शुल्क केवल नए वीज़ा आवेदनों पर और सिर्फ एक बार ही लागू होगा।

कंपनियों और अर्थव्यवस्था पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और कंपनियों दोनों पर असर पड़ेगा। बड़ी तकनीकी कंपनियां जैसे गूगल, अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल, भारी संख्या में H-1B वीज़ा कर्मचारियों को नौकरी देती हैं। तकनीकी क्षेत्र इस अतिरिक्त खर्च को संभाल सकता है, लेकिन स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में चुनौतियां खड़ी होंगी।

अर्थशास्त्री अताकान बाकिस्कन के मुताबिक, विदेशी प्रतिभाओं को आकर्षित करना मुश्किल होगा, जिससे उत्पादकता कम होगी। पहले अमेरिका की विकास दर 2% अनुमानित थी, लेकिन अब इसे घटाकर 1.5% कर दिया गया है।

भारतीयों पर सीधा असर

H-1B वीज़ा पाने वालों में सबसे बड़ा हिस्सा भारतीयों का है। लगभग 70% वीज़ा भारतीय पेशेवरों को ही मिलता है। यही वजह है कि गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी कंपनियों के सीईओ भारतीय मूल के हैं। इतना ही नहीं, लगभग 6% अमेरिकी डॉक्टर भी भारतीय मूल के हैं। ऐसे में यह फैसला सीधे भारतीय पेशेवरों पर असर डालने वाला है।

अमेरिकी कंपनियों पर भी दबाव

विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआत में असर भारत पर दिखेगा, लेकिन असली दबाव अमेरिकी कंपनियों पर आएगा। नैसकॉम ने चेतावनी दी है कि इससे कई प्रोजेक्ट अटक सकते हैं और ग्राहक नई शर्तें जोड़ सकते हैं। भारतीय आईटी कंपनियां जैसे टीसीएस और इंफोसिस पहले से ही अमेरिका में स्थानीय कर्मचारियों की संख्या बढ़ा रही हैं और काम का बड़ा हिस्सा भारत या अन्य देशों में शिफ्ट कर रही हैं।

सीआईईएल के एचआर विशेषज्ञ आदित्य नारायण मिश्रा का मानना है कि कंपनियां अब भारी वीज़ा शुल्क से बचने के लिए रिमोट कॉन्ट्रैक्टिंग, ऑफशोर डिलीवरी और गिग वर्कर्स पर ज्यादा भरोसा कर सकती हैं।

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