Unsafe nights on Gorakhpur Link Expressway : बंद स्ट्रीट लाइटों से मंडरा रहा हादसों का साया, टोल वसूली पर उठ रहे सवाल

Post

India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में जून में लोकार्पण हुआ नया लिंक एक्सप्रेसवे, जो गोरखपुर को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने का महत्वपूर्ण मार्ग है, अब अपनी अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा में है। लोकार्pan के बाद कुछ दिनों तक जगमगाने वाली स्ट्रीट लाइटें कई दिनों से बंद पड़ी हैं। इसका सीधा नतीजा यह है कि शाम होते ही पूरे 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर अंधेरे का साम्राज्य छा जाता है। इस घने अंधेरे में, तेज गति से दौड़ने वाले वाहन, बाइकों, ऑटो और ट्रैक्टर चालकों के लिए यमदूत साबित हो रहे हैं। सर्च परिणामों के अनुसार, खराब रोशनी की वजह से हाई-स्पीड कॉरिडोर पर अन्य वाहनों, राहगीरों और खासकर बाइक सवारों को पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है

सुरक्षा व्यवस्था ठप्प, मगर टोल वसूली बेरोकटोक जारी

हालांकि, एक अगस्त से इस लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स की वसूली शुरू हो गई है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से ये अव्यवस्थाएं यात्रियों के लिए सिरदर्द बन गई हैं। वाहन चालकों, खासकर छोटे वाहनों और दोपहिया (जो वैसे भी एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित हैं, पर फिर भी मौजूद हैं, ऑटो और ट्रैक्टर चालकों को अंधेरे में गाड़ी चलाने में भारी असुविधा हो रही है। खासकर भगवानपुर टोल प्लाजा के पास, जहां से यात्री लिंक एक्सप्रेसवे पर प्रवेश करते हैं, गोरखपुर की ओर रोशनी की कमी के कारण लोगों को एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में ही दिक्कतें आ रही हैं। कई बार तो लोग असुरक्षित महसूस करते हुए एक्सप्रेसवे छोड़ वैकल्पिक, लेकिन लंबी और असुविधाजनक सड़कों का सहारा ले रहे हैं। वहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर बढ़ते समय भी बंद स्ट्रीट लाइटें राहगीरों के लिए मुसीबत बन रही हैं।

स्थानीय लोगों द्वारा कंटीली फेंसिंग काटकर ढाबे खोलना: सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा

बात यहीं नहीं रुकती, एक्सप्रेसवे के किनारे स्थानीय लोगों ने कंटीली तार की फेंसिंग काटकर अनधिकृत रास्ते बना लिए हैं। इन रास्तों से उतरकर लोग ढाबे खोलकर बैठ गए हैं, जहां से वे चाय-पानी के बहाने ड्राइवरों को रोक रहे हैं। यह न केवल एक्सप्रेसवे के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह यातायात के प्रवाह को बाधित करने और दुर्घटनाओं को न्यौता देने वाला कृत्य है। UPEDA के अनुसार, ऐसे अनधिकृत प्रवेश बिंदु (unauthorized access points) सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा हैं और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ाते हैं। UPEDA ने इन मार्गों का उपयोग न करने की सलाह दी है, क्योंकि इससे fasthtag सिस्टम में समस्या आ सकती है।

सिकरीगंज टोल प्लाजा का अनमोल सच: अधूरी यात्रा का पूरा टैक्स?

लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली की व्यवस्था भी यात्रियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अगस्त की शुरुआत से टोल वसूली हो रही है, जिसमें चार पहिया और उससे बड़े वाहनों के लिए नंबर स्कैन करके दूरी के हिसाब से फास्टैग (FASTag) से पैसे काटे जा रहे हैं। वहीं, बाइक, ऑटो और ट्रैक्टर चालकों को पहले भुगतान करना पड़ रहा है, और उन्हें यह बताना पड़ रहा है कि वे किस बिंदु पर एक्सप्रेसवे से उतरेंगे।

एक बड़ी गड़बड़ी सिकरीगंज टोल प्लाजा से जुड़े टोल नियमों में सामने आई है। UPEDA के अधिशासी अभियंता पी.पी. वर्मा के अनुसार, सिकरीगंज में टोल गेट बनाने का काम अभी चल रहा है, और वहां से अभी टोल वसूली नहीं की जा रही है। जो वाहन सिकरीगंज से एक्सप्रेसवे पर आकर भगवानपुर टोल प्लाजा की ओर यात्रा करते हैं, और फिर यदि वे सिकरीगंज की ओर ही उतरते हैं, तो सिस्टम अक्सर फास्टैग के माध्यम से पूरी एक्सप्रेसवे की यात्रा का पूरा टोल काट ले रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि सिस्टम में एक निश्चित समय (कुछ घंटे) के बाद अगर किसी वाहन के उतरने की सूचना नहीं मिलती, तो वह स्वतः ही पूरी दूरी का टोल वसूल लेता है। UPEDA का कहना है कि लोगों को अभी सिकरीगंज मार्ग का उपयोग नहीं करना चाहिए, और इस बारे में सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं, फिर भी लोग अनजाने में या मजबूरी में इसका प्रयोग कर रहे हैं, जिससे उनकी जेब ढीली हो रही है।

UPEDA का जवाब: जंपर खराब होने से हुई थी समस्या, मरम्मत जारी

इस मामले पर UPEDA के अधिशासी अभियंता पी.पी. वर्मा ने बताया कि जंपर खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसके चलते स्ट्रीट लाइटें बंद थीं। उन्होंने दावा किया कि अधिकांश लाइटें मंगलवार रात तक ठीक कर दी गई थीं, और शेष को बुधवार तक ठीक करने का काम जारी है। यह राहत भरी खबर है, लेकिन रात के अंधेरे और उसके बाद टोल की विसंगतियों से उत्पन्न सुरक्षा और आर्थिक चिंताओं पर प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देना होगा।

सुरक्षा सुनिश्चित हो, तभी टोल वसूली न्यायसंगत: जन-अपेक्षा

एक्सप्रेसवे पर 24x7 सुरक्षा और निर्बाध कनेक्टिविटी के वादे के साथ ही टोल वसूली होनी चाहिए। फिलहाल, बंद लाइटों और अवैध प्रवेश मार्गों से जुड़ीं चिंताएं, यात्रियों के मन में सुरक्षा की भावना को कम कर रही हैं। UPEDA को न केवल प्रकाश व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारू रूप से चालू करना चाहिए, बल्कि फेंसिंग कटने जैसी घटनाओं को रोकने और टोल नियमों की पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए भी कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

Tags:

लिंक एक्सप्रेसवे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे यूपीईडीए स्ट्रीट लाइट टोल टैक्स फास्टैग सुरक्षा दुर्घटना यातायात पूर्वांचल एक्सप्रेसवे सड़क सुरक्षा अंधेरा भय मनमानी सिकरीगंज भगवानपुर टोल प्लाजा कंटीली फेंसिंग ढाबा अनधिकृत प्रवेश ग्रामीण सड़क निर्माण लोकार्पण विकास आम आदमी परेशानी वाहन उत्तर प्रदेश योगी सरकार ट्रैफिक नियम हैवी ड्यूटी लो विजिबिलिटी जेम्पर फॉल्ट पावर सप्लाई इलेक्ट्रिकल इशू यूपी रोड हाईवे सेफ्टी रोड एनफोर्समेंट कंस्ट्रक्शन डिले एडमिनिस्ट्रेटिव फेलियर Link Expressway Gorakhpur link expressway UPEDA Street Light Toll Tax FASTag safety Accident Traffic Purvanchal Expressway road safety Darkness fear Arbitrary Sikriganj Bhagwanpur Toll Plaza Barbed Wire Fencing Dhaba Unauthorized Access Rural Road Construction Inauguration Development Common Man Problem Vehicle Uttar Pradesh Yogi government Traffic Rules Heavy Duty Low Visibility Jumper Fault Power Supply Electrical Issue UP Road highway safety Road Enforcement Construction Delay Administrative Failure