ईरान-इजरायल टकराव पर बेकाबू हालात : खाड़ी में जंग के बादल, अमेरिका की चेतावनी और ब्रिटेन की एंट्री
India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। ईरान ने इजरायल के खिलाफ पूरी तरह से युद्ध का एलान कर दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने साफ कह दिया है कि अब इजरायल को किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। साथ ही उन्होंने अमेरिका को भी चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान पर हमला किया तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
इस दौरान बुधवार को लगातार छठे दिन ईरान और इजरायल के बीच बमबारी और मिसाइल हमले होते रहे। दोनों तरफ से जान-माल का नुकसान हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह संघर्षविराम से आगे बढ़कर कोई बड़ा फैसला लेने की सोच रहे हैं, जिससे यह जंग हमेशा के लिए खत्म हो सके।
ब्रिटेन और अमेरिका की सैन्य सक्रियता
ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद पश्चिम एशिया में लड़ाकू विमान और युद्धपोत भेजे हैं। ब्रिटेन ने भी अपने लड़ाकू विमान इस क्षेत्र में तैनात कर दिए हैं। ट्रंप के बयानों में अब तेहरान के आकाश पर कब्जे और नागरिकों को शहर छोड़ने जैसी धमकियां सामने आई हैं, जो इजरायली सेना की चेतावनियों से मेल खाती हैं।
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब ईरान से किसी तरह की बातचीत नहीं होगी। इजरायल ने भी उसी दिन इसी बात को दोहराया और कहा कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। जवाब में ईरान ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव और हाइफा के लोगों को शहर खाली करने के लिए कह दिया है।
जंग के और बढ़ने का खतरा
अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल होता है तो यह युद्ध सिर्फ ईरान-इजरायल तक सीमित नहीं रहेगा। इसकी आग पूरे पश्चिम एशिया और अरब जगत तक फैल सकती है। अमेरिका के कतर, बहरीन, कुवैत, यूएई, सऊदी अरब, इराक, जॉर्डन और सीरिया में सैन्य अड्डे हैं, जो निशाने पर आ सकते हैं। खामेनेई ने भी संकेत दिए हैं कि अगर अमेरिका हमला करता है तो इन ठिकानों पर जवाबी हमला किया जाएगा।
परमाणु ठिकानों और मिसाइल फैक्ट्रियों पर हमला
इजरायल ने अपने हालिया हमलों में ईरान के यूरेनियम संवर्धन संयंत्रों और बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण इकाइयों को निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान के पास स्थित इन फैक्ट्रियों पर बमबारी हुई है। यहां तक कि रेड क्रिसेंट की इमारत पर भी हमला हुआ है।
एक मानवाधिकार संगठन ने जानकारी दी है कि अब तक 585 ईरानी नागरिक मारे जा चुके हैं और 1,300 से अधिक घायल हुए हैं। दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल पर 400 बैलिस्टिक मिसाइलें और सैकड़ों ड्रोन हमले किए हैं, जिनमें 24 लोगों की मौत हुई और करीब 600 लोग घायल हुए।
ईरान का दावा – परमाणु कार्यक्रम शांति के लिए
ईरान ने दोहराया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। वह केवल 60% शुद्धता तक यूरेनियम का संवर्धन कर रहा है, जबकि परमाणु हथियार के लिए 90% शुद्धता जरूरी होती है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि अली बहरीनी ने भी यही बात दोहराई है।
ईरान का कहना है कि इजरायल उसके परमाणु कार्यक्रम से डरा हुआ है और झूठा प्रचार कर रहा है। साथ ही वह अमेरिका को भी भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, ईरान के वैज्ञानिक भविष्य में भी इस क्षेत्र में काम करते रहेंगे।