टाटा संस की बोर्ड बैठक में दो ऐतिहासिक फैसले: शेयर बाजार में लिस्टिंग (IPO) को मिली हरी झंडी, एन. चंद्रशेखरन को मिला 5 साल का सेवा विस्तार
भारतीय कॉरपोरेट जगत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कारोबारी घराने 'टाटा समूह' की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) की उच्चस्तरीय बोर्ड बैठक में दो युगांतरकारी फैसले लिए गए हैं। मुंबई में आयोजित इस मैराथन बैठक में बोर्ड ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के कड़े रेगुलेटरी नियमों का सम्मान करते हुए कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध (IPO/Listing) कराने की प्रक्रिया को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, पिछले कुछ हफ्तों से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रहे तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए टाटा संस के मौजूदा कार्यकारी चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) को अगले 5 वर्षों के लिए एक और कार्यकाल सौंपने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। चंद्रशेखरन ने पिछले महीने फरवरी 2027 में अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद पद छोड़ने का जो निर्णय लिया था, उसे बोर्ड के आग्रह पर पलट दिया गया है।
आरबीआई का कड़ा रुख और आईपीओ को मजबूरी में मिली मंजूरी
टाटा संस की बोर्ड बैठक में लिस्टिंग का मुद्दा सबसे अहम और संवेदनशील एजेंडा था। भारतीय रिजर्व बैंक ने सितंबर 2022 में टाटा संस को स्केल-बेस्ड रेगुलेशन के तहत 'अपर-लेयर एनबीएफसी' (Upper-Layer NBFC) के रूप में वर्गीकृत किया था। इस नियम के तहत किसी भी अपर-लेयर एनबीएफसी को अनिवार्य रूप से 3 साल के भीतर शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य होता है।
टाटा संस ने इससे बचने के लिए करीब 21,000 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाकर अपनी बैलेंस शीट को मजबूत किया था और आरबीआई से अपनी एनबीएफसी रजिस्ट्री सरेंडर करने (कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी का दर्जा छोड़ने) की छूट मांगी थी। हालांकि, पिछले हफ्ते रिजर्व बैंक ने टाटा संस की इस याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया और बॉम्बे हाईकोर्ट में कैविएट भी दाखिल कर दी, जिससे टाटा संस के पास लंबी कानूनी लड़ाई या लिस्टिंग के अलावा कोई तीसरा रास्ता नहीं बचा। बोर्ड ने लंबी चर्चा के बाद अब पब्लिक इश्यू (IPO) की दिशा में औपचारिक कदम उठाने और बाजार में कदम रखने की तैयारी का फैसला किया है।
एन. चंद्रशेखरन का फैसला पलटा: 5 और वर्षों तक संभालेंगे कमान
बोर्ड बैठक का दूसरा सबसे बड़ा नाटकीय घटनाक्रम चेयरमैन पद के उत्तराधिकार को लेकर रहा। 12 अगस्त को एन. चंद्रशेखरन ने बोर्ड को सूचित किया था कि वे फरवरी 2027 में अपना मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद तीसरा कार्यकाल नहीं लेंगे। इसके बाद सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने नए चेयरमैन की खोज के लिए चयन समिति बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी।
हालांकि, आरबीआई के ताजा झटके और आगामी संभावित मेगा आईपीओ की संवेदनशीलता को देखते हुए बोर्ड के अधिकांश सदस्यों का मानना था कि इतने विशाल ट्रांजिशन (सार्वजनिक लिस्टिंग) के दौर में समूह को एक स्थिर और अनुभवी नेतृत्व की सख्त जरूरत है।
नोएल टाटा का विरोध, बाकी बोर्ड सहमत: रिपोर्टों के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के प्रमुख नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के विस्तार के प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया, जबकि बोर्ड के बाकी सभी निदेशकों ने चंद्रशेखरन के पक्ष में वोट देकर 5 साल के नए कार्यकाल के प्रस्ताव को पारित कर दिया।
बोर्ड के अनुरोध का सम्मान करते हुए एन. चंद्रशेखरन ने अपना इस्तीफा वापस लेते हुए समूह की कमान आगे भी संभाले रखने पर सहमति जता दी है।
शापूरजी पालोनजी (SP Group) और निवेशकों के लिए ऐतिहासिक दिन
टाटा संस के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा इसके 18.4 प्रतिशत के अल्पांश शेयरधारक शापूरजी पालोनजी समूह (Shapoorji Pallonji Group) को मिलने की उम्मीद है। एसपी ग्रुप लंबे समय से अपनी भारी वित्तीय देनदारियों को कम करने के लिए टाटा संस की लिस्टिंग की मांग कर रहा था ताकि वे अपनी हिस्सेदारी को मोनेटाइज कर सकें।
वहीं दूसरी ओर, टाटा ट्रस्ट्स (जो टाटा संस में 66% हिस्सेदारी रखता है) पहले लिस्टिंग के पक्ष में नहीं था क्योंकि इससे पब्लिक डिस्क्लोजर और बाहरी निगरानी बढ़ने का जोखिम रहता है। लेकिन अब नियामक बाध्यता के चलते इस पर सहमति बन चुकी है।
बाजार में टाटा शेयरों में भारी उछाल
टाटा संस की बोर्ड बैठक से सकारात्मक खबरें बाहर आते ही शेयर बाजार में टाटा समूह की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई:
टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals): इंट्रा-डे कारोबार में 13% तक का जबर्दस्त उछाल देखा गया।
टाटा मोटर्स व अन्य शेयर: टाटा मोटर्स और टाटा इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन जैसी कंपनियों के शेयरों में भी 4 से 8 फीसदी की जबर्दस्त लिवाली दर्ज की गई।
टाटा संस का यह कदम स्वतंत्र भारत के कॉरपोरेट इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है, जो न केवल भारतीय शेयर बाजार के वैल्यूएशन का नया रिकॉर्ड बनाएगा, बल्कि 150 साल से अधिक पुराने इस समूह की कार्यप्रणाली में एक नए युग की शुरुआत करेगा।