तीन देशों की मुलाकात पर ट्रंप के बयान ने मचाई हलचल
India News Live,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, रूस और उत्तर कोरिया के नेताओं पर अमेरिका के खिलाफ साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने यह आरोप चीन में एक सैन्य परेड के दौरान तीनों नेताओं की मुलाकात को लेकर लगाया। ट्रंप के इस बयान पर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। क्रेमलिन प्रवक्ता ने इन आरोपों को हंसी में उड़ाते हुए कहा कि उन्हें लगा कि अमेरिकी राष्ट्रपति मज़ाक कर रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। हाल ही में बीजिंग के तियानमेन चौक पर चीन की भव्य सैन्य परेड हुई, जिसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन मौजूद थे। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग, व्लादिमीर पुतिन और किम जोंग उन अमेरिका के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
रूस की सीधी प्रतिक्रिया
रूस ने ट्रंप के बयान पर तुरंत और सीधे तौर पर प्रतिक्रिया दी है। रूसी सरकारी टेलीविजन पर क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा, "व्लादिमीर पुतिन, शी जिनपिंग और किम जोंग उन अमेरिका के खिलाफ कोई साजिश नहीं रच रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "इन तीनों नेताओं में से किसी के मन में ऐसा कोई विचार नहीं आया। हमें लगता है कि ट्रंप मज़ाक कर रहे थे।" रूस ने इस बयान के ज़रिए साफ़ संदेश दिया है कि वह ट्रंप के आरोपों को गंभीरता से नहीं लेता।
चीन की चेतावनी और ट्रम्प की प्रतिक्रिया
इस सैन्य परेड के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दुनिया को शांति या युद्ध में से एक चुनने का संदेश दिया, जिससे वैश्विक तनाव बढ़ गया है। ट्रंप ने इस परेड को लेकर चीन को उसका इतिहास भी याद दिलाया। उन्होंने कहा, "शी जिनपिंग को याद रखना चाहिए कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने चीन को विदेशी आक्रमण से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की थी।" ट्रंप ने ज़ोर देकर कहा कि उस युद्ध में कई अमेरिकी सैनिकों ने अपनी जान गंवाई और चीन को उनके बलिदान का सम्मान करना चाहिए।
अमेरिका के खिलाफ रूस और चीन के गठजोड़ के बारे में पूछे जाने पर, ट्रंप ने अपनी शांति का परिचय दिया। उन्होंने कहा, "मुझे ज़रा भी चिंता नहीं है। हमारे पास दुनिया की सबसे मज़बूत सेना है। वे हम पर अपनी सेना का इस्तेमाल कभी नहीं करेंगे।" ट्रंप का यह बयान उनकी आत्मविश्वासी और आक्रामक विदेश नीति को दर्शाता है।